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Jyeshtha Amavasya 2025: क्या ज्येष्ठ अमवास्या का शनि देव से खास संबंध है ? मई में कब है यह, 

Jyeshtha Amavasya 2025: क्या ज्येष्ठ अमवास्या का शनि देव से खास संबंध है ? मई में कब है यह, 

Last Updated May - 15 - 2025, 03:36 PM | Source : Fela News

Jyeshtha Amavasya 2025:ज्येष्ठ अमावस्या का शनि देव से खास संबंध है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पूजा-पाठ और दान से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत मिलती है।
क्या ज्येष्ठ अमवास्या का शनि देव से खास संबंध है
क्या ज्येष्ठ अमवास्या का शनि देव से खास संबंध है

Jyeshtha Amavasya 2025:हिंदू धर्म में हर तिथि और वार का खास महत्व होता है। अमावस्या वैसे तो हर महीने आती है, लेकिन इसका धार्मिक महत्व बहुत ज्यादा है। मान्यता है कि अमावस्या के दिन पितरों की पूजा और तर्पण करने से पुण्य मिलता है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

ज्येष्ठ अमावस्या का महत्व:
ज्येष्ठ अमावस्या को खास माना जाता है क्योंकि इसी दिन शनि देव का जन्म हुआ था। इस दिन शनि जयंती मनाई जाती है और महिलाएं वट सावित्री व्रत रखती हैं, जिससे उन्हें अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है।

2025 में ज्येष्ठ अमावस्या कब है?

शुरुआत: 26 मई 2025, सुबह 12:11 बजे

समाप्ति: 27 मई 2025, सुबह 8:31 बजे

मुख्य तिथि: 27 मई 2025 (सूर्योदय के अनुसार)

महत्वपूर्ण मुहूर्त:

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:03 से 4:44
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:51 से 12:46
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:11 से 7:31

क्या करें इस दिन:

  • शनि देव की पूजा
  • वट वृक्ष की पूजा और परिक्रमा
  • पितरों के लिए तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध, ब्राह्मण भोज
  • भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा
  • व्रत, स्नान और दान

मान्यता:
इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों से पितरों की कृपा मिलती है, शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत मिलती है, और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।


Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.

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