Last Updated Mar - 12 - 2026, 11:04 AM | Source : Fela News
Meen Sankranti 2026: मीन संक्रांति 15 मार्च 2026 को पड़ रही है। इस दिन सूर्य, शनि और शुक्र मीन राशि में एक साथ रहेंगे। ज्योतिष के अनुसार यह युति कुछ राशियों के लिए सुख, सफलता और समृद्धि लेकर आ सकती है।
Meen Sankranti 2026: 15 मार्च 2026 को मीन संक्रांति मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य देव राशि परिवर्तन करके मीन राशि में प्रवेश करते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार यह संक्रांति विशेष मानी जाती है, क्योंकि इसके बाद सूर्य अगले चरण में मेष राशि में प्रवेश करते हैं और नए सौर वर्ष की शुरुआत होती है। मीन संक्रांति के बाद खरमास शुरू हो जाता है, जिसके चलते मांगलिक कार्य कुछ समय के लिए बंद हो जाते हैं। हालांकि यह दिन धार्मिक अनुष्ठान और दान-पुण्य के लिए बहुत शुभ माना जाता है।
मीन संक्रांति 2026 का मुहूर्त
पुण्य काल: सुबह 6:31 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक
महापुण्य काल: सुबह 6:31 बजे से 8:31 बजे तक
संक्रांति का क्षण: दोपहर 1:08 बजे
शनि, शुक्र और सूर्य की युति
15 मार्च को मीन राशि में त्रिग्रही योग बनेगा। इस दिन सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से ही शुक्र और शनि मौजूद रहेंगे। ज्योतिष के अनुसार यह योग कुछ राशियों के लिए विशेष लाभदायक हो सकता है।
इन राशियों को मिल सकता है लाभ
मिथुन राशि – मीन संक्रांति मिथुन राशि के लिए शुभ मानी जा रही है। करियर में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में मुनाफा होने के योग हैं और निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। नई संपत्ति या वाहन खरीदने की योजना भी बन सकती है।
सिंह राशि – इस युति का सकारात्मक असर सिंह राशि के वैवाहिक जीवन पर पड़ सकता है। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। शनि की कृपा से विरोधियों का प्रभाव कम होगा और कोर्ट से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है। राजनीति से जुड़े लोगों को नया पद मिलने के संकेत हैं।
मेष राशि – मेष राशि के लोगों को नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। सरकारी नौकरी के अवसर भी बन सकते हैं। शुक्र की कृपा से आय में बढ़ोतरी होगी और परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।
मीन संक्रांति के दिन क्या करें
ज्योतिष और पुराणों के अनुसार इस दिन स्नान, दान, जप और तप करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से देवी-देवता और पितर प्रसन्न होते हैं। इस दिन अन्न, वस्त्र, गुड़, तिल और घी का दान करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा गाय को चारा खिलाना और मंत्र जाप करना भी फलदायी बताया गया है।
मीन संक्रांति के बाद आने वाले प्रमुख पर्व
मीन संक्रांति के बाद चैत्र नवरात्रि, राम नवमी और हनुमान जयंती जैसे बड़े पर्व मनाए जाएंगे।
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