Last Updated Feb - 03 - 2026, 10:41 AM | Source : Fela News
Shani Jayanti 2026: शनि जयंती 16 मई 2026 को मनाई जाएगी. इस दिन श्रद्धालु शनि देव की कृपा पाने के लिए व्रत, दान और विशेष अनुष्ठान करते हैं. शनि जयंती पर पूजा का
Shani Jayanti 2026: सूर्य और छाया पुत्र शनि देव का जन्म ज्येष्ठ अमावस्या को हुआ था. इस वर्ष शनि जयंती 16 मई 2026 को मनाई जाएगी. मान्यता है कि शनि देव प्रसन्न हों तो भक्तों को किसी भी प्रकार की हानि नहीं होती. इसी दिन वट सावित्री व्रत भी रखा जाता है. शनि जयंती पर सूर्यास्त के बाद पूजा करने की परंपरा है, जिसके लिए शुभ मुहूर्त भी निर्धारित है.
साल में दो बार मनाई जाती है शनि जयंती
उत्तर भारत में शनि जयंती ज्येष्ठ अमावस्या को मनाई जाती है, जो इस बार 16 मई को है. वहीं दक्षिण भारत में यह पर्व वैशाख अमावस्या को मनाया जाता है.
शनि जयंती 2026 का शुभ मुहूर्त
ज्येष्ठ अमावस्या की तिथि 16 मई 2026 को सुबह 5:11 बजे शुरू होकर 17 मई 2026 को सुबह 1:30 बजे समाप्त होगी. शनि देव की पूजा के लिए शुभ समय रात 7:05 बजे से रात 8:23 बजे तक रहेगा.
शनि जयंती पर क्या करें
शनि जयंती के दिन शनि तैलाभिषेकम और शनि शांति पूजा प्रमुख अनुष्ठान माने जाते हैं. सुबह स्नान के बाद पीपल की जड़ में कच्चा दूध, गंगाजल और शुद्ध जल अर्पित करें और 11 बार परिक्रमा करें. “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें. शनि देव का स्मरण करते हुए लोहा, जामुन, काला तिल, काले जूते और तेल का दान करें.
किन पर बरसती है शनि देव की कृपा
मान्यता है कि भगवान शनि निष्पक्ष न्याय के प्रतीक हैं और अपने भक्तों को सौभाग्य व समृद्धि प्रदान करते हैं. जिन पर शनि देव की कृपा नहीं होती, उन्हें कठिन परिश्रम के बावजूद अपेक्षित फल नहीं मिल पाता.
शनि देव क्यों होते हैं नाराज
गरीब, लाचार और असहाय लोगों को सताने वाले व्यक्तियों पर शनि देव अप्रसन्न रहते हैं. ऐसे लोगों को शनि की दशा में शारीरिक, मानसिक और आर्थिक कष्ट झेलने पड़ते हैं. शराब, जुआ, चोरी, हत्या और अन्य तामसिक प्रवृत्तियों में लिप्त लोगों को भी शनि देव के प्रकोप का सामना करना पड़ता है.
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