Last Updated Jan - 16 - 2026, 10:54 AM | Source : Fela News
Shukra Pradosh Vrat Katha: आज शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को शुक्र प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की पूजा में प्रदोष व्रत की कथा जरूर पढ़नी चाहिए। कथा का पाठ करने
Shukra Pradosh 2026 Vrat Katha: प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित एक विशेष व्रत है, जो हर महीने त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। जब यह व्रत शुक्रवार को पड़ता है, तो इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है। यह व्रत वैवाहिक सुख, प्रेम, सौंदर्य, भौतिक सुख-संपदा और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए खास माना जाता है।
आज है शुक्र प्रदोष व्रत
आज शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को शुक्र प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। पंचांग के अनुसार माघ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 15 जनवरी रात 8:16 बजे शुरू होकर 16 जनवरी रात 10:21 बजे तक रहेगी। इसलिए आज व्रत किया जाएगा। प्रदोष काल में पूजा का शुभ समय शाम 5:43 बजे से 8:19 बजे तक रहेगा। इस दौरान भगवान शिव की पूजा और व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए।
शुक्र प्रदोष व्रत की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, अंबापुर गांव में एक गरीब विधवा ब्राह्मण महिला रहती थी, जो भीख मांगकर जीवन गुजारती थी। एक दिन उसे दो छोटे बच्चे मिले, जो अपने परिवार से बिछड़ गए थे। महिला उन्हें घर ले आई और उनकी देखभाल करने लगी।
कुछ समय बाद वह बच्चों को लेकर ऋषि शांडिल्य के पास गई। ऋषि ने बताया कि ये दोनों बच्चे विदर्भ नरेश के पुत्र हैं, जिनका राज्य गंदर्भ नरेश ने छीन लिया है। यह जानकर महिला दुखी हुई और उपाय पूछा। ऋषि ने उसे प्रदोष व्रत करने की सलाह दी।
महिला और दोनों बच्चों ने प्रदोष व्रत किया। कुछ समय बाद बड़े राजकुमार का विवाह अंशुमती से हुआ। अंशुमती के पिता की मदद से राजकुमार ने गंदर्भ पर विजय प्राप्त की और दोनों भाइयों को उनका राज्य वापस मिल गया। इसके बाद ब्राह्मण महिला और दोनों राजकुमार सुखी जीवन जीने लगे।
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