Last Updated Feb - 20 - 2026, 05:31 PM | Source : Fela News
सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट बंद होते ही स्मार्टफोन 'एक्सपायर' हो जाता है। ऐसे फोन हैकर्स के लिए आसान निशाना बनते हैं और बैंक डेटा से लेकर निजी जानकारी तक खतरे में आ सकती है।
आज के समय में स्मार्टफोन केवल कॉल या मैसेज तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह हमारी डिजिटल पहचान, बैंकिंग, पेमेंट और निजी जानकारी का मुख्य केंद्र बन चुका है। ऐसे में अगर आपका स्मार्टफोन 'एक्सपायर हो चुका है, तो यह आपके डेटा और पैसों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। कई लोग इस शब्द को सुनकर हैरान होते हैं, लेकिन तकनीकी भाषा में एक्सपायर स्मार्टफोन का मतलब है कि कंपनी ने उस डिवाइस के लिए सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट देना बंद कर दिया है।
जब कोई कंपनी नया स्मार्टफोन लॉन्च करती है, तो वह एक तय अवधि तक उस फोन को सिस्टम अपडेट और सिक्योरिटी पैच देती है। आमतौर पर यह अवधि 3 से 7 साल तक होती है। इन अपडेट्स का उद्देश्य फोन की सुरक्षा को मजबूत करना और नए साइबर खतरों से बचाना होता है। लेकिन जैसे ही यह अवधि खत्म हो जाती है, फोन को अपडेट मिलना बंद हो जाता है और यह साइबर अपराधियों के लिए आसान लक्ष्य बन जाता है।
सिक्योरिटी अपडेट बंद होने के बाद फोन में मौजूद कमजोरियां ठीक नहीं हो पातीं। हैकर्स इन कमजोरियों का फायदा उठाकर फोन में मालवेयर या वायरस इंस्टॉल कर सकते हैं। कई बार फिशिंग लिंक, नकली ऐप या संदिग्ध वेबसाइट के जरिए फोन में सेंध लगाई जाती है।
एक बार फोन हैक होने के बाद अपराधी आपके बैंकिंग ऐप्स, OTP, पासवर्ड और निजी फाइल्स तक पहुंच सकते हैं। इससे बैंक खाते से पैसे चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सपायर स्मार्टफोन का उपयोग खासकर उन लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक है, जो डिजिटल पेमेंट और नेट बैंकिंग का नियमित इस्तेमाल करते हैं। ऐसे फोन में संवेदनशील जानकारी सुरक्षित नहीं रह पाती। कई मामलों में देखा गया है कि पुराने फोन का उपयोग करने वाले लोग साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं, क्योंकि उनका फोन नए सुरक्षा मानकों को सपोर्ट नहीं करता ।
इस समस्या से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपने फोन के अपडेट स्टेटस की जानकारी रखें। अगर आपके फोन को कंपनी की ओर से सिक्योरिटी अपडेट मिलना बंद हो गया है, तो उसे बदलना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। इ
सके अलावा, केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें और अनजान लिंक या मैसेज पर क्लिक करने से बचें। फोन में मजबूत पासवर्ड, फिंगरप्रिंट या फेस लॉक का उपयोग करना भी जरूरी है।
डिजिटल युग में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। इसलिए एक एक्सपायर फोन का इस्तेमाल करना केवल तकनीकी जोखिम नहीं, बल्कि आर्थिक और निजी सुरक्षा के लिए भी खतरा है। समय पर सावधानी और सही फैसले से आप अपने डेटा और पैसे दोनों को सुरक्षित रख सकते हैं।
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