Last Updated Feb - 20 - 2026, 05:47 PM | Source : Fela News
भारतीय स्टार्टअप Sarvam Al ने अपना Indus Al ऐप लॉन्च किया है, जो भारतीय भाषाओं, वॉइस सपोर्ट और कम डेटा उपयोग के साथ यूजर्स को नया देसी AI अनुभव देने का दावा करता है।
भारत तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय स्टार्टअप Sarvam Al ने अपना AI चैटबॉट ऐप "Indus by Sarvam" लॉन्च कर दिया है। यह ऐप अब Google Play Store और Apple App Store पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। खास बात यह है कि यह AI टूल भारतीय भाषाओं, स्थानीय जरूरतों और उपयोगकर्ताओं के अनुभव को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे इसे ChatGPT और Gemini जैसे अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म्स के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, फिलहाल इस ऐप का उपयोग सभी के लिए तुरंत उपलब्ध नहीं है। Sarvam AI ने इसे इनवाइट आधारित एक्सेस मॉडल पर लॉन्च किया है। इसका मतलब है कि ऐप डाउनलोड करने के बाद यूजर्स को इनवाइट कोड दर्ज करना होगा या फिर अपनी बारी आने तक प्रतीक्षा करनी होगी। कंपनी धीरे-धीरे यूजर्स को एक्सेस दे रही है ताकि सिस्टम की गुणवत्ता और प्रदर्शन को बेहतर बनाए रखा जा सके।
Indus AI की सबसे बड़ी खासियत इसकी भारतीय भाषाओं और संस्कृति की समझ है। जहां अधिकतर वैश्विक AI मॉडल मुख्य रूप से अंग्रेजी डेटा पर आधारित होते हैं, वहीं Indus AI को हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं और स्थानीय बोलियों के अनुसार प्रशिक्षित किया गया है। इसका परिणाम यह है कि यह यूजर्स के सवालों का जवाब ज्यादा स्वाभाविक, सरल और संदर्भ के अनुसार दे सकता है। यह खासतौर पर उन यूजर्स के लिए उपयोगी है जो अंग्रेजी में सहज नहीं हैं।
इसके अलावा, Indus AI को कम कंप्यूटिंग पावर और कम इंटरनेट स्पीड पर भी प्रभावी ढंग से काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका मतलब है कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी इस तकनीक का आसानी से लाभ उठा सकते हैं। यह भारत जैसे देश के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू है, जहां अभी भी बड़ी आबादी सीमित इंटरनेट संसाधनों के साथ काम करती है।
इस ऐप की एक और प्रमुख विशेषता इसका वॉइस फर्स्ट इंटरफेस है। यूजर्स इस AI को टाइप करने के बजाय अपनी आवाज के जरिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। वॉइस रिकग्निशन सिस्टम को भारतीय उच्चारण और हिंग्लिश जैसी मिश्रित भाषा को समझने के लिए विशेष रूप से ऑप्टिमाइज किया गया है। इससे यूजर्स को अधिक सहज और प्राकृतिक अनुभव मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Sarvam Al का यह कदम भारत के AI इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा संकेत है। यह न केवल तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा, बल्कि भारतीय यूजर्स के लिए अधिक प्रासंगिक और उपयोगी डिजिटल समाधान भी प्रदान करेगा।
कुल मिलाकर, Indus AI का लॉन्च भारत के डिजिटल और तकनीकी विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह देसी AI प्लेटफॉर्म वैश्विक प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले कितनी मजबूत स्थिति बना पाता है और भारतीय यूजर्स के बीच कितना लोकप्रिय होता है।
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