Last Updated Feb - 06 - 2026, 02:00 PM | Source : Fela News
Meta के Facebook और Instagram आपकी ऑनलाइन एक्टिविटी ट्रैक करते हैं। अगर आप प्राइवेसी चाहते हैं, तो एक खास सेटिंग बदलकर ट्रैकिंग रोक सकते हैं और पुराना डेटा भी ह
अगर आप सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। बहुत से यूजर्स को इस बात का अंदाजा तक नहीं होता कि Facebook और Instagram सिर्फ ऐप के अंदर ही नहीं, बल्कि ऐप के बाहर भी आपकी एक्टिविटी पर नजर रखते हैं। आप कौन-सी वेबसाइट देखते हैं, क्या सर्च करते हैं, किन ऐप्स पर समय बिताते हैं इन सभी जानकारियों का डेटा इकट्ठा किया जाता है। यह सब Meta की ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी के जरिए होता है।
अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर उन्होंने फेसबुक या इंस्टाग्राम बंद कर दिया, तो उनकी प्राइवेसी सुरक्षित है। लेकिन सच्चाई यह है कि मेटा की ट्रैकिंग कई थर्ड पार्टी वेबसाइट्स और ऐप्स के जरिए भी जारी रहती है। यही वजह है कि आप जिस प्रोडक्ट को एक बार ऑनलाइन देखते हैं, वही आपको बार-बार विज्ञापन में दिखने लगता है। यह सब आपकी "ऑफ-मेटा एक्टिविटी " की वजह से होता है।
मेटा इस डेटा का इस्तेमाल पर्सनलाइज्ड विज्ञापन दिखाने के लिए करता है। कंपनी का दावा है कि इससे यूजर्स को ज्यादा रिलेवेंट कंटेंट मिलता है, लेकिन प्राइवेसी के नजरिए से यह चिंता की बात है। अच्छी खबर यह है कि मेटा आपको यह जानने और कंट्रोल करने का ऑप्शन देता है कि कौन-सा डेटा ट्रैक हो रहा है और आप चाहें तो इसे बंद भी कर सकते हैं।
अगर आप फेसबुक ऐप में सेटिंग्स के अंदर अकाउंट्स सेंटर में जाते हैं, तो वहां "Your Activity Off Meta Technologies” नाम का एक ऑप्शन मिलता है। यही वह जगह है, जहां आपको साफ-साफ दिख जाता है कि आपकी कौन-सी एक्टिविटी, किस वेबसाइट या ऐप से जुड़ी हुई है। बहुत से यूजर्स पहली बार यह सेक्शन खोलकर चौंक जाते हैं, क्योंकि उन्हें पता ही नहीं होता कि उनका डेटा इतनी जगहों से शेयर हो रहा है।
यहीं से आप अपनी पुरानी एक्टिविटी को हटाने का विकल्प भी पा सकते हैं। इसका मतलब यह है कि मेटा ने अब तक जो भी ऑफ-ऐप डेटा आपके अकाउंट से जोड़ा है, आप उसे डिस्कनेक्ट कर सकते हैं। इससे आपके पुराने सर्च, विज़िट और ऐप यूसेज का असर विज्ञापनों पर नहीं पड़ेगा।
इतना ही नहीं, अगर आप चाहते हैं कि आगे चलकर आपकी कोई भी एक्टिविटी ट्रैक न की जाए, तो भविष्य की ट्रैकिंग को भी पूरी तरह बंद किया जा सकता है। एक बार यह सेटिंग बदलने के बाद मेटा आपकी ऑफ-ऐप एक्टिविटी को आपके अकाउंट से लिंक नहीं करेगा।
आज के डिजिटल दौर में डेटा ही सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे में अगर आप अपनी प्राइवेसी को लेकर गंभीर हैं, तो यह जरूरी है कि आप जानें कि आपका डेटा कौन, कैसे और क्यों इस्तेमाल कर रहा है। कुछ मिनट की यह छोटी-सी सेटिंग आपको अनचाही निगरानी और टारगेटेड विज्ञापनों से काफी हद तक राहत दिला सकती है।
अगर आप चाहते हैं कि सोशल मीडिया आपके कंट्रोल में रहे, न कि आप सोशल मीडिया के कंट्रोल में हों, तो आज ही अपनी मेटा प्राइवेसी सेटिंग्स जरूर चेक करें।
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