Last Updated Feb - 12 - 2026, 10:55 AM | Source : Fela News
Google ने अपने सर्च प्लेटफॉर्म पर नया प्राइवेसी टूल लॉन्च किया है, जिससे यूजर्स निजी तस्वीरें, फोन नंबर और संवेदनशील जानकारी सर्च रिजल्ट से हटाने का अनुरोध कर स
डिजिटल दौर में हमारी पहचान का बड़ा हिस्सा इंटरनेट पर मौजूद है। सोशल मीडिया प्रोफाइल से लेकर ऑनलाइन फॉर्म तक, कई जगहों पर हमारी निजी जानकारी साझा होती रहती है। लेकिन समस्या तब खड़ी होती है जब यही जानकारी या निजी तस्वीरें बिना अनुमति के सर्च रिजल्ट में दिखाई देने लगती हैं। इसी चुनौती को देखते हुए Google ने अपने सर्च प्लेटफॉर्म पर एक नया और उन्नत प्राइवेसी फीचर पेश किया है, जो यूजर्स को अपनी निजी जानकारी हटाने का अधिक नियंत्रण देता है।
इस नए फीचर के तहत उपयोगकर्ता सर्च रिजल्ट में दिख रही अपनी निजी तस्वीरें, फोन नंबर, ईमेल पता या अन्य संवेदनशील जानकारी हटाने का अनुरोध कर सकते हैं। पहले भी Google ऐसी सुविधा देता था, लेकिन प्रक्रिया जटिल और सीमित थी। अब इसे ज्यादा सरल और प्रभावी बना दिया गया है ताकि आम यूजर भी आसानी से अपनी डिजिटल गोपनीयता की रक्षा कर सके।
नए टूल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी व्यक्ति की निजी फोटो या जानकारी उसकी अनुमति के बिना इंटरनेट पर उपलब्ध न रहे। कई बार लोगों की तस्वीरें किसी वेबसाइट या ब्लॉग पर बिना सहमति के अपलोड कर दी जाती हैं, जो बाद में सर्च इंजन पर दिखने लगती हैं। इससे न केवल मानसिक तनाव पैदा होता है बल्कि पहचान की चोरी या साइबर उत्पीड़न का खतरा भी बढ़ जाता है।
इस फीचर के जरिए यूजर सीधे सर्च रिजल्ट से हटाने का अनुरोध भेज सकता है। इसके लिए सर्च पेज पर दिए गए विकल्प के माध्यम से कारण बताना होता है कि जानकारी क्यों हटाई जानी चाहिए। Google फिर उस अनुरोध की समीक्षा करता है और यदि वह उसकी नीतियों के अनुरूप होता है, तो संबंधित लिंक को सर्च रिजल्ट से हटा दिया जाता है।
हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि सर्च रिजल्ट से लिंक हटने का मतलब यह नहीं कि वह कंटेंट इंटरनेट से पूरी तरह डिलीट हो गया है। अगर मूल वेबसाइट पर सामग्री मौजूद है, तो उसे हटाने के लिए वेबसाइट मालिक से संपर्क करना होगा। Google केवल अपने सर्च परिणामों से लिंक को हटाता है।
डिजिटल गोपनीयता आज के समय में एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है। सरकारों और टेक कंपनियों पर लगातार दबाव है कि वे यूजर्स की प्राइवेसी की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करें। भारत में लागू आईटी नियमों और डेटा सुरक्षा कानूनों के बीच Google का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे उपयोगकर्ताओं को अपनी ऑनलाइन पहचान पर अधिक नियंत्रण मिलेगा और वे अनचाही जानकारी को हटाने की प्रक्रिया को समझ सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फीचर खासकर महिलाओं, सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों और उन व्यक्तियों के लिए राहत भरा कदम है, जिनकी निजी जानकारी का दुरुपयोग किया गया है। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच यह सुविधा डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है।
आने वाले समय में उम्मीद की जा रही है कि ऐसे और भी टूल्स विकसित किए जाएंगे, जो यूजर्स को उनकी ऑनलाइन मौजूदगी पर पूरा नियंत्रण देंगे। फिलहाल, यह नया प्राइवेसी फीचर डिजिटल दुनिया में व्यक्तिगत सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
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