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2025 में भारतीयों को आए 4 हजार करोड़ से ज्यादा स्कैम कॉल्स का सामना

2025 में भारतीयों को आए 4 हजार करोड़ से ज्यादा स्कैम कॉल्स का सामना

Last Updated Feb - 12 - 2026, 05:26 PM | Source : Fela News

रिपोर्ट के अनुसार 2025 में भारतीयों को कुल 4,168 करोड़ से अधिक स्पैम और स्कैम कॉल्स प्राप्त हुए, जिनमें औसतन हर व्यक्ति को करीब 27 ऐसे कॉल्स का सामना करना पड़ा.
2025 में भारतीयों को आए 4 हजार करोड़ से ज्यादा स्कैम कॉल्स का सामना
2025 में भारतीयों को आए 4 हजार करोड़ से ज्यादा स्कैम कॉल्स का सामना

साल 2025 के लिए Truecaller की ‘India’s Spam Shield’ नामक 2025 इंडिया इनसाइट्स रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि भारत में पिछले वर्ष के दौरान 4,168 करोड़ से अधिक स्पैम कॉल्स की पहचान की गईं, जो तकनीकी धोखाधड़ी का बड़ा संकेत हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि इनमें से 1,189 करोड़ कॉल्स यूजर्स द्वारा ब्लॉक की गईं, जबकि 770 करोड़ कॉल्स स्पष्ट रूप से फ्रॉड कॉल्स थीं.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि औसतन एक स्पैम कॉल का समय करीब 1.8 मिनट रहा है, जिससे न केवल समय गंवा हुआ बल्कि लोगों को भ्रमित या धोखे का सामना करना पड़ा. वहीं, रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि स्पैम मैसेज की संख्या 12,903 करोड़ तक पहुंच गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि केवल कॉल्स ही नहीं बल्कि मैसेज के माध्यम से भी धोखाधड़ी की कोशिशें बढ़ रही हैं.

Sources के मुताबिक, फ्रॉड कॉल्स अक्सर खुद को बैंकों, सरकारी एजेंसियों, पेमेंट प्लेटफॉर्म या बड़े ब्रांड्स के नाम पर पेश करते हुए आते हैं, ताकि लोगों से संवेदनशील जानकारी निकाल सकें या वित्तीय नुकसान पहुंचा सकें. इन फ्रॉड कॉल्स का पैटर्न पहले से अधिक परिष्कृत और पेशेवर होता जा रहा है, जिससे पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में ब्लॉक किए गए कॉल्स ने उपयोगकर्ताओं को संभावित नुकसान, समय की बर्बादी और अनावश्यक तनाव से बचाया. यह कदम डिजिटल संवाद के भरोसे को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभा रहा है. यूजर्स द्वारा सामूहिक रूप से इन कॉल्स को रिपोर्ट और ब्लॉक करने से बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिली है.

इस बीच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2026 में ठगी के पैटर्न और अधिक बदल सकते हैं, जिसमें पहचान सत्यापन से जुड़े स्कैम, परिचित संस्थानों के नाम पर कॉल्स, AI-जनित वॉइस मैसेज, और थर्ड-पार्टी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर फ्रॉड का विस्तार शामिल हो सकता है. ऐसे रुझान संकेत देते हैं कि साइबर ठग अभी भी तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाने के नए तरीके अपनाएंगे.

प्रशासनिक और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स का कहना है कि उपयोगकर्ताओं को सावधान रहना चाहिए और किसी भी कॉल या मैसेज में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड, बैंक विवरण आदि साझा नहीं करनी चाहिए. ऐसे उपाय डिजिटल धोखाधड़ी के खिलाफ सुरक्षा को मजबूत कर सकते हैं.

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