Last Updated Feb - 05 - 2026, 04:25 PM | Source : Fela News
गूगल का जेमिनी एआई अब स्क्रीन ऑटोमेशन के जरिए आपके कहने पर ऐप्स चलाकर राइड बुकिंग, फूड ऑर्डर जैसे काम करेगा, लेकिन प्राइवेसी जोखिमों पर सावधानी जरूरी होगी।
गूगल का एआई असिस्टेंट जेमिनी अब सिर्फ सवालों के जवाब देने, इमेज बनाने या टेक्स्ट लिखने तक सीमित नहीं रहने वाला। कंपनी एक ऐसे फीचर पर काम कर रही है, जो जेमिनी को आपके डिजिटल असिस्टेंट की तरह व्यवहार करने में सक्षम बनाएगा। इस नए फीचर को "स्क्रीन ऑटोमेशन" कहा जा रहा है। इसका मतलब है कि जेमिनी अब आपके कहने पर मोबाइल स्क्रीन पर मौजूद ऐप्स के साथ खुद इंटरैक्ट कर सकेगा और आपके लिए काम पूरे कर देगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, गूगल ऐप के 17.4 बीटा वर्जन में इस फीचर का रेफरेंस देखा गया है। इसे इंटरनली " bonobo" कोडनेम दिया गया है। यह फीचर यूजर के बिहाफ पर ऐप्स को ओपन करेगा, मेनू नेविगेट करेगा और जरूरी टास्क पूरा करेगा। उदाहरण के लिए, अगर आप कहेंगे “मेरे लिए कैब बुक करो", तो जेमिनी खुद राइड बुकिंग ऐप खोलेगा, लोकेशन डालेगा और राइड कन्फर्म कर देगा। इसी तरह आप कहेंगे "मेरा पसंदीदा खाना ऑर्डर कर दो”, तो यह फूड डिलीवरी ऐप में जाकर ऑर्डर प्लेस कर देगा।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यूजर को अलग-अलग ऐप खोलने, मेनू स्क्रॉल करने या कई स्टेप्स फॉलो करने की जरूरत नहीं होगी। केवल वॉइस या टेक्स्ट कमांड देकर पूरा काम हो जाएगा। यह फीचर उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है जो मल्टीटास्किंग करते हैं या टेक्नोलॉजी को आसान तरीके से इस्तेमाल करना चाहते हैं।
हालांकि, इस सुविधा के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हैं। गूगल ने खुद माना है कि स्क्रीन ऑटोमेशन फीचर कभी-कभी गलती कर सकता है। इसलिए यूजर को पूरा कंट्रोल दिया जाएगा। अगर जेमिनी कोई गलत स्टेप लेता है, तो यूजर तुरंत उसे रोककर कंट्रोल अपने हाथ में ले सकता है। यानी यह पूरी तरह ऑटोमैटिक नहीं, बल्कि सुपरवाइज्ड ऑटोमेशन होगा।
सबसे बड़ी चिंता प्राइवेसी को लेकर सामने आ रही है। जब जेमिनी ऐप्स के साथ इंटरैक्ट करेगा, तो सर्विस को बेहतर बनाने के लिए स्क्रीनशॉट ह्यूमन रिव्यूअर्स तक जा सकते हैं। हालांकि, यह तभी होगा जब यूजर 'Keep Activity' ऑप्शन ऑन रखेगा। गूगल ने साफ कहा है कि यूजर्स को जेमिनी चैट में अपनी लॉग-इन डिटेल्स, पासवर्ड या पेमेंट से जुड़ी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
गूगल ने यह भी चेतावनी दी है कि स्क्रीन ऑटोमेशन का इस्तेमाल इमरजेंसी या संवेदनशील कामों के लिए न किया जाए। इसका मतलब है कि यह फीचर अभी भी डेवलपमेंट स्टेज में है और पूरी तरह भरोसेमंद बनने में समय लग सकता है।
फिर भी, टेक्नोलॉजी की दुनिया में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब तक एआई केवल सुझाव देता था, लेकिन जेमिनी के इस फीचर के बाद एआई आपके लिए असल काम भी करने लगेगा। यह भविष्य की उस दुनिया की झलक है, जहां डिजिटल असिस्टेंट केवल बात नहीं करेंगे, बल्कि आपके कहने पर काम भी पूरा करेंगे।
अगर यह फीचर सफल रहा, तो स्मार्टफोन इस्तेमाल करने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है और जेमिनी सच में एक पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट की तरह काम करता नजर आएगा।
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