Last Updated Feb - 07 - 2026, 02:43 PM | Source : Fela News
Google Gemini अब सिर्फ जवाब देने वाला AI नहीं रहेगा, बल्कि Android फोन पर आपकी जगह काम करेगा। कैब बुकिंग से लेकर फूड ऑर्डर तक, सब कुछ होगा बिना स्क्रीन छुए।
टेक्नोलॉजी की दुनिया एक बार फिर बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। Google अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस असिस्टेंट Google Gemini को ऐसा बनाने की तैयारी में है, जो सिर्फ बातों तक सीमित न रहे, बल्कि यूजर की तरह फोन पर काम भी करे। आने वाले समय में Android यूजर्स को फोन चलाने के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
अब तक AI असिस्टेंट्स सवालों के जवाब देने, अलार्म लगाने या रिमाइंडर सेट करने तक सीमित थे। लेकिन Google Gemini के साथ यह सोच बदलने वाली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक Google एक नई तकनीक पर काम कर रहा है, जिसे “Screen Automation" कहा जा रहा है। इसका मतलब यह है कि Gemini स्क्रीन पर दिखाई देने वाले ऐप्स और ऑप्शन्स को समझेगा और यूजर के निर्देश पर खुद ही जरूरी एक्शन ले पाएगा।
इस तकनीक के संकेत Google ऐप के 17.4 बीटा वर्जन में देखे गए हैं। टेक वेबसाइट 9to5Google की रिपोर्ट के अनुसार, APK Teardown के जरिए ऐसे कोड सामने आए हैं, जो बताते हैं कि यह फीचर अभी इंटरनल टेस्टिंग स्टेज में है। हालांकि Google ने अभी आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की है, लेकिन यह साफ है कि कंपनी Gemini को Android का एक एक्टिव पार्ट बनाना चाहती है।
Screen Automation के बाद यूजर को हर छोटे काम के लिए ऐप खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मान लीजिए आप कैब बुक करना चाहते हैं या खाना ऑर्डर करना है, तो बस Gemini से कहिए और वह खुद Uber या फूड डिलीवरी ऐप में जाकर काम पूरा कर देगा। Gemini स्क्रीन पर दिख रहे बटन, फॉर्म और ऑप्शन्स को पहचानकर उसी तरह काम करेगा, जैसे कोई इंसान करता है।
हालांकि यह सुविधा लॉन्च के समय सभी Android ऐप्स पर उपलब्ध नहीं होगी। शुरुआत में यह फीचर कुछ चुनिंदा ऐप्स तक सीमित रह सकता है, खासकर Google के अपने ऐप्स और कुछ लोकप्रिय थर्ड पार्टी सर्विसेज तक। धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है।
इतनी पावरफुल AI के साथ सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। Google का कहना है कि Gemini के किसी भी एक्शन की अंतिम जिम्मेदारी यूजर की होगी। अगर AI कहीं गलती करता है या यूजर को लगे कि कंट्रोल हाथ से निकल रहा है, तुरंत Gemini को रोककर खुद मैन्युअल कंट्रोल ले सकता है। यानी फैसला इंसान के हाथ में ही रहेगा।
तो वह Screen Automation के अलावा Google एक और फीचर पर काम कर रहा है, जिसका कोडनेम "Wasabi" बताया जा रहा है। यह फीचर डिजिटल पहचान और 3D अवतार से जुड़ा हो सकता है। संकेत मिलते हैं कि यूजर Gemini के जरिए अपने अवतार को एक्सेस और मैनेज कर पाएंगे, ठीक वैसे ही जैसे आज Google Meet में अवतार का इस्तेमाल होता है। Google का दावा है कि यूजर की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रहेगी और बिना अनुमति कोई उसका इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।
इन सभी बदलावों से यह साफ हो जाता है कि Google Gemini को सिर्फ एक चैटबॉट नहीं, बल्कि Android का एक अहम हिस्सा बनाना चाहता है। आने वाले समय में स्मार्टफोन चलाने का अनुभव पूरी तरह बदल सकता है, जहां इंसान सिर्फ निर्देश देगा और AI हर काम खुद पूरा करेगा। अगर यह तकनीक सफल रही, तो Gemini Android यूजर्स के लिए एक बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है।
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