Header Image

ईरान के बाद अब क्यूबा निशाने पर, ट्रंप ने बताया राष्ट्रीय खतरा

ईरान के बाद अब क्यूबा निशाने पर, ट्रंप ने बताया राष्ट्रीय खतरा

Last Updated Jan - 30 - 2026, 12:02 PM | Source : Fela News

ईरान संकट के बीच अमेरिका ने क्यूबा को राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा घोषित किया है। ट्रंप के नए आदेश से तेल सप्लाई करने वाले देशों पर टैरिफ लगेगा और क्यूबा की मुश्किलें
ईरान के बाद अब क्यूबा निशाने पर
ईरान के बाद अब क्यूबा निशाने पर

मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। दुनिया जहां ईरान पर संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर चिंतित है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक क्यूबा को निशाने पर ले लिया है। ट्रंप प्रशासन ने एक कार्यकारी आदेश जारी कर क्यूबा को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित कर दिया है। इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। 

इस आदेश के तहत अमेरिका अब उन देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाएगा, जो क्यूबा को सीधे या परोक्ष रूप से तेल की आपूर्ति करते हैं । यह कदम इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत उठाया गया है, जिसका इस्तेमाल अमेरिका आमतौर पर असाधारण राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों की स्थिति में करता है। व्हाइट हाउस का कहना है कि यह फैसला केवल आर्थिक दबाव बनाने के लिए नहीं, बल्कि अमेरिका की सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए जरूरी है। 

ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि क्यूबा अमेरिका विरोधी देशों और संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहा है। आदेश में चीन, रूस और ईरान के साथ क्यूबा के बढ़ते संबंधों का जिक्र किया गया है। इसके अलावा हमास और हिजबुल्लाह जैसे संगठनों को लेकर भी चिंता जताई गई है। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि क्यूबा अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका विरोधी खुफिया और सैन्य गतिविधियों के लिए होने दे रहा है। 

अमेरिका का यह भी आरोप है कि क्यूबा में रूस का एक बड़ा विदेशी सिग्नल इंटेलिजेंस बेस मौजूद है, जो अमेरिकी गतिविधियों पर नजर रखता है। साथ ही चीन के साथ क्यूबा की सैन्य और तकनीकी साझेदारी को भी वाशिंगटन एक बड़े खतरे के रूप में देख रहा है। ट्रंप का कहना है कि ऐसे हालात में क्यूबा पर सख्ती जरूरी हो गई है। 

इस फैसले का सबसे बड़ा असर क्यूबा की पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। क्यूबा इस समय दशकों के सबसे गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। देश में ईंधन की भारी कमी है, जिसके कारण बिजली कटौती आम हो गई है। खाने-पीने की चीजों की किल्लत, गिरता पर्यटन और बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 

आंकड़ों के मुताबिक, हाल तक क्यूबा के तेल आयात का बड़ा हिस्सा मैक्सिको, वेनेज़ुएला और रूस से आता था। वेनेजुएला से सप्लाई पहले ही काफी हद तक रुक चुकी है और अब मैक्सिको की ओर से भी तेल सप्लाई सीमित होने की खबरें हैं। ऐसे में अमेरिकी टैरिफ लागू होने पर क्यूबा का ऊर्जा संकट और गहरा सकता है। 

क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनेल ने अमेरिकी फैसले को खारिज करते हुए कहा है कि उनका देश किसी भी तरह की धमकी से नहीं डरेगा। उन्होंने कहा कि क्यूबा बराबरी और आपसी सम्मान के आधार पर बातचीत के लिए हमेशा तैयार है। वहीं क्यूबा सरकार ने अमेरिका पर कैरेबियाई क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन और आर्थिक दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाया है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान तनाव के बीच क्यूबा को निशाना बनाना यह दिखाता है कि वाशिंगटन एक साथ कई मोर्चों पर दबाव की रणनीति अपना रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस फैसले का वैश्विक राजनीति और क्यूबा की आंतरिक स्थिति पर कितना गहरा असर पड़ता है। 

यह भी पढ़े 

भारत EU FTA से ऑटो उद्योग में बड़ा बदलाव संभव

Share :

Trending this week

नेपाल के खोटांग में लैंडिंग के दौरान हेलीकॉप्टर क्रैश

Mar - 18 - 2026

नेपाल के खोटांग जिले में एक हेलीकॉप्टर लैंडिंग के दौरान... Read More

ईरान पर बंकर बस्टर हमले के बाद क्या होर्मूज स्ट्रेट पर अमेरिका का कब्जा?

Mar - 18 - 2026

डोनाल्ड ट्रम्प  के नेतृत्व में अमेरिका ने होर्मूज जलड... Read More

ईरानी हमलों के बाद UAE का बड़ा फैसला, एयरस्पेस बंद

Mar - 17 - 2026

ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (... Read More