Last Updated Nov - 11 - 2025, 03:39 PM | Source : Fela News
पूर्व मंत्री का दावा,क्लिंटन, सोरोस और अमेरिकी फंडिंग से बदला सत्ता का खेल
बांग्लादेश की राजनीति एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है। देश के पूर्व मंत्री ने बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया है कि प्रधानमंत्री शेख हसीना की सत्ता से विदाई किसी आंतरिक विद्रोह का नतीजा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित विदेशी साजिश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तख्तापलट में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस और अमेरिकी फंडिंग से जुड़े संगठनों की अहम भूमिका रही।
पूर्व मंत्री के मुताबिक, बांग्लादेश में लंबे समय से पश्चिमी ताकतें राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने कहा कि “लोकतंत्र और मानवाधिकार” के नाम पर कई विदेशी एजेंसियां देश के भीतर असंतोष फैलाने और हसीना सरकार को अस्थिर करने में जुटी थीं। उनके अनुसार, इस पूरे अभियान के लिए करोड़ों डॉलर की फंडिंग विदेश से की गई।
शेख हसीना, जो लंबे समय से भारत की करीबी मानी जाती थीं, ने अपने कार्यकाल में आतंकवाद पर सख्ती और पड़ोसी देशों से मजबूत संबंधों की नीति अपनाई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यही बात कई विदेशी शक्तियों को असहज कर रही थी।
इस खुलासे के बाद बांग्लादेश की राजनीति में तूफान आ गया है। विपक्षी दलों ने इन दावों पर टिप्पणी करने से बचते हुए कहा है कि सरकार को इस मुद्दे पर आधिकारिक जांच शुरू करनी चाहिए। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बयान ने अमेरिका और बांग्लादेश के संबंधों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि अभी तक अमेरिकी सरकार या क्लिंटन-फाउंडेशन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। लेकिन राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह दक्षिण एशिया की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही माहौल अस्थिर है और लोग अब यह जानना चाहते हैं कि क्या उनका लोकतंत्र वाकई भीतर से कमजोर हुआ या बाहर से हिलाया गया।
यह भी पढ़ें: