Last Updated Feb - 18 - 2026, 12:07 PM | Source : Fela News
बांग्लादेश की नई सरकार में खलीलुर रहमान को विदेश मंत्री बनाया गया। डॉक्टर, डिप्लोमेट और नीति विशेषज्ञ रह चुके रहमान का अंतरराष्ट्रीय अनुभव उन्हें अहम भूमिका देता है।
बांग्लादेश की नई सरकार के गठन के साथ ही कई अहम नियुक्तियों ने राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। इन्हीं में सबसे चर्चित नाम डॉ. खलीलुर रहमान का है, जिन्हें टेक्नोक्रेट कोटे से देश का नया विदेश मंत्री बनाया गया है।
प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपकर साफ संकेत दिया है कि वह विदेश नीति में अनुभवी और पेशेवर नेतृत्व पर भरोसा कर रही है।
डॉ. खलीलुर रहमान का नाम बांग्लादेश की कूटनीतिक और प्रशासनिक दुनिया में लंबे समय से सम्मान के साथ लिया जाता है। वह पेशे से मेडिकल डॉक्टर होने के साथ-साथ एक अनुभवी राजनयिक भी रह चुके हैं।
उन्होंने 1985 में बांग्लादेश सिविल सर्विस के फॉरेन सर्विस कैडर में शामिल होकर अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कई अहम अंतरराष्ट्रीय पदों पर काम किया और बांग्लादेश की विदेश नीति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अपने करियर के दौरान खलीलुर रहमान कनाडा में बांग्लादेश के हाई कमिश्नर भी रह चुके हैं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में योगदान दिया। इसके अलावा उन्होंने विदेश मंत्रालय
में कोरोना महामारी के दौरान चीफ कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी संभाली थी।
उस समय उनका काम अंतरराष्ट्रीय सहयोग और स्वास्थ्य संबंधी समन्वय को बेहतर बनाना था, जिसे काफी सराहा गया। खलीलुर रहमान की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी बेहद मजबूत रही है। उन्होंने फ्रांस की प्रतिष्ठित सोरबोन यूनिवर्सिटी से एमफिल की डिग्री हासिल की, जबकि इकोले नेशनेल एडमिनिस्ट्रेशन से मास्टर की पढ़ाई की। इसके अलावा उन्होंने भारत की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से पब्लिक हेल्थ में पीएचडी भी की है।
यह विविध शैक्षणिक अनुभव उन्हें न केवल कूटनीतिक मामलों बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य और नीति निर्माण में भी गहरी समझ देता है।
डॉ. रहमान ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ भी काम किया है, जहां उन्होंने वैश्विक स्वास्थ्य नीतियों और
अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर योगदान दिया। यही वजह है कि उन्हें एक बहुआयामी विशेषज्ञ माना जाता है, जो स्वास्थ्य, प्रशासन और विदेश नीति जैसे कई क्षेत्रों की गहरी जानकारी रखते हैं।
नई सरकार में उनकी नियुक्ति टेक्नोक्रेट कोटे से हुई है, जिसका मतलब है कि उन्हें उनके पेशेवर अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर कैबिनेट में शामिल किया गया है। यह नियुक्ति इस बात का संकेत है कि सरकार विदेश नीति को अधिक पेशेवर और रणनीतिक तरीके से आगे बढ़ाना चाहती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खलीलुर रहमान का अंतरराष्ट्रीय अनुभव और प्रशासनिक क्षमता बांग्लादेश की विदेश नीति को नई दिशा दे सकती है। खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक राजनीति तेजी से बदल रही है, उनके अनुभव का लाभ देश को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिल सकता है।
नई जिम्मेदारी के साथ खलीलुर रहमान के सामने कई अहम चुनौतियां और अवसर होंगे। उनकी नियुक्ति से यह उम्मीद की जा रही है कि बांग्लादेश अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को और मजबूत करेगा और वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को और प्रभावी तरीके से निभाएगा।
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