Last Updated Apr - 06 - 2026, 11:37 AM | Source : Fel News
ईरान ने 24 घंटों में केवल 15 जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी। अमेरिका-इजराइल हमलों के बाद यहां से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में करीब 90% गिरावट आई है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट देखी जा रही है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में केवल 15 जहाजों को ही इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई। बताया गया है कि इन सभी जहाजों को ईरानी अधिकारियों से विशेष मंजूरी के बाद ही रास्ता दिया गया।
वैश्विक तेल सप्लाई पर असर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20-25 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां की स्थिति का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों और ऊर्जा कीमतों पर पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान इस मार्ग से गुजरने वाली हर गतिविधि पर कड़ी नजर रख रहा है।
90% तक घटी जहाजों की आवाजाही
रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद से इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में करीब 90 प्रतिशत की गिरावट आई है। बढ़ते सुरक्षा खतरे और ईरान की सख्ती के चलते जहाजों की आवाजाही सीमित हो गई है।
अमेरिका-ईरान में बढ़ा टकराव
इस मुद्दे पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और तेज हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान से होर्मुज स्ट्रेट खोलने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने जल्द रास्ता नहीं खोला, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हमले का समय भी तय करने का दावा किया है।
हमलों के बाद बिगड़े हालात
28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले के बाद क्षेत्र में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। इन हमलों में कई लोगों की मौत की खबर है, जिसके बाद ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है।
ईरान का पलटवार जारी
ईरान ने हमलों के जवाब में ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं। इनके निशाने पर इजराइल के साथ-साथ जॉर्डन, इराक और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकाने भी हैं। साथ ही, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर भी सख्ती बढ़ा दी है।
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