Last Updated May - 30 - 2025, 11:14 AM | Source : Fela News
चीन ने पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील पर 400 मीटर लंबा पुल बनाया है, जिससे उसकी सैन्य गतिशीलता बढ़ी है। यह भारत के लिए गंभीर रणनीतिक चिंता का विषय है। So
लद्दाख के पूर्वी हिस्से में स्थित पैंगोंग त्सो झील पर चीन द्वारा बनाया गया 400 मीटर लंबा पुल अब पूरी तरह से चालू हो चुका है, और यह पीएलए (चीनी सेना) की सैन्य गतिविधियों की रफ्तार को कई गुना बढ़ा रहा है।
इस पुल की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यह झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों को सीधे जोड़ता है, जिससे अब चीनी सेना को 180 किलोमीटर का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। अब वे रेज़ांग ला जैसे संवेदनशील इलाकों तक टैंक और हथियार लेकर चंद मिनटों में पहुंच सकते हैं।
यह पुल भारत की सीमा से महज 25 किलोमीटर दूर, सिरिज़ाप के पास स्थित है। खास बात ये भी है कि रेज़ांग ला वही इलाका है जहां भारत ने अतीत में चीन को पीछे धकेला था। अब इसी क्षेत्र में चीन की तेज़ी से पहुंच भारत के लिए एक नई रणनीतिक चुनौती बन गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह नया पुल न सिर्फ चीन की फौजी तैयारी को मज़बूत करता है, बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को भी सीधी चुनौती देता है। इस पुल के ज़रिए अब चीन के पास मौके पर तत्काल कार्रवाई करने की क्षमता कहीं अधिक हो गई है।
भारत की नजरें अब इस क्षेत्र पर पहले से कहीं ज्यादा टिकी हैं — और ज़रूरत है कि रणनीतिक तौर पर इसका माकूल जवाब जल्द तैयार किया जाए।