Last Updated Jun - 23 - 2025, 12:36 PM | Source : Fela News
फारूख अब्दुल्ला ने मुस्लिम देशों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा, अगर हमने अब आवाज़ नहीं उठाई तो देर हो जाएगी और हालात काबू से बाहर हो सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूख अब्दुल्ला ने हाल ही में गंभीर चिंता जताई है कि मध्य-पूर्व के मुस्लिम बहुल देश इजरायल–ईरान संघर्ष पर चुप क्यों हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ये देश आज विरोध नहीं करेंगे, तो कल उनकी अगली बारी भी आ सकती है ।
डॉ. अब्दुल्ला का कहना है कि “मध्य-पूर्व के मुस्लिम देश इस समय केवल दर्शक बनकर बैठ गए हैं” और यदि अभी इस चुप्पी पर सुधार नहीं हुआ, तो अमेरिका उन्हें भी निशाना बना सकता है। उन्होंने उल्लेख किया कि “आज यह इरान है, तो कल यह हम हो सकते हैं” ।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प पर भी टिप्पणी की और उल्लेख किया कि ट्रम्प इस संघर्ष में ‘सहयोगी’ बने हुए हैं, जिससे इजरायल को समर्थन मिल रहा है ।
डॉ. फारूख अब्दुल्ला का यह बयान वैश्विक स्तर पर बढ़ते मध्य-पूर्व संघर्ष के असर को दर्शाता है। वे मुस्लिम देश को सक्रिय भूमिका निभाने और एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान कर रहे हैं, ताकि भविष्य में उन्हें भारी परिणामों का सामना न करना पड़े।
पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला ने मुस्लिम देशों की मौन नीतियों पर चिंतित होकर चेतावनी दी है कि दुनिया राजनीति, युद्ध और मानवता के बदलते समीकरणों में उन्हें सक्रिय रूप से शामिल होना चाहिए, अन्यथा समुदाय स्वयं ही खतरे में पड़ सकता है।