Last Updated Mar - 28 - 2026, 10:59 AM | Source : Fela News
Iran-US Israel War: Iran पर United States और Israel के हमलों के बाद विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि स्टील प्लांट और परमाणु ठिकानों पर हमले हुए तो भारी कीमत चुकानी होगी।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं। United States और Israel ने Iran के कई अहम ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
हमलों के कुछ घंटों बाद ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि ईरान इसका “भारी जवाब” देगा। अराघची के मुताबिक, इजरायल ने ईरान के दो बड़े स्टील प्लांट, एक बिजली संयंत्र और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया है।
उन्होंने यह भी कहा कि ये हमले ऐसे समय में किए गए जब कूटनीतिक बातचीत के लिए समय बढ़ाया गया था। अराघची ने इसे शांति प्रयासों के खिलाफ कदम बताते हुए Donald Trump की भी आलोचना की।
इजरायली सेना Israel Defense Forces (IDF) ने भी हमलों की पुष्टि की है। सेना के अनुसार, “ऑपरेशन राइजिंग लायन” के तहत ईरान के अराक हेवी वाटर प्लांट और यज़्द में यूरेनियम से जुड़े एक ठिकाने को निशाना बनाया गया। इजरायल का कहना है कि इन स्थानों का इस्तेमाल परमाणु हथियारों से जुड़ी गतिविधियों में हो सकता था, इसलिए कार्रवाई की गई।
ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस्फ़हान और खुज़ेस्तान में स्थित स्टील कंपनियों पर भी हमले हुए हैं। इस्फ़हान के मोबारेकेह स्टील प्लांट की बिजली सुविधा पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि करीब 15 लोग घायल हो गए।
इसके अलावा खुज़ेस्तान में एक अन्य स्टील कंपनी को भी नुकसान पहुंचा, जहां 16 कर्मचारी घायल बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिरोजाबाद की एक खदान, खैराबाद की सीमेंट फैक्ट्री और मशहद एयरपोर्ट के गोदाम को भी निशाना बनाया गया।
इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। लगातार बढ़ते सैन्य हमलों के कारण शांति वार्ता की संभावनाओं को भी झटका लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो यह संघर्ष और बड़े स्तर पर फैल सकता है, जिसका असर वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल सकता है।
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