Last Updated May - 04 - 2026, 03:04 PM | Source : Fela News
Iran on Project Freedom: होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप के ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को ईरान ने सिरे से ठुकरा दिया है. तेहरान ने साफ कहा—अमेरिका ने दखल दिया तो संघर्ष-विराम टूटेगा और जवाब बेहद कड़ा होगा.
मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों को निकालने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू करने का ऐलान किया, लेकिन ईरान ने इसे सीधे चुनौती मानते हुए साफ कर दिया कि इस जलमार्ग पर अमेरिकी दखल बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. तेहरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने समुद्री नियंत्रण की कोशिश की तो संघर्ष-विराम फिर टूट सकता है.
⚠ WARNING
— ابراهیم عزیزی (@Ebrahimazizi33) May 3, 2026
Any American interference in the new maritime regime of the Strait of Hormuz will be considered a violation of the ceasefire.
The Strait of Hormuz and the Persian Gulf would not be managed by Trump's delusional posts!
No one would believe Blame Game scenarios!
ट्रंप के प्रोजेक्ट फ्रीडम पर ईरान का सीधा वार
ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका सोमवार से होर्मुज स्ट्रेट में फंसे विदेशी जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए नौसैनिक अभियान चलाएगा. उन्होंने इसे मानवीय मिशन बताया और कहा कि कई “न्यूट्रल देशों” ने अमेरिका से मदद मांगी है. साथ ही ट्रंप ने चेतावनी भी दी कि अगर इस मिशन में कोई रुकावट डाली गई तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा.
ईरान बोला- होर्मुज पर बाहरी कंट्रोल मंजूर नहीं
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने दो टूक कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का संचालन किसी भी हालत में ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट या अमेरिकी आदेश से नहीं चलेगा. ईरान का कहना है कि इस रणनीतिक जलमार्ग का प्रबंधन ईरान और क्षेत्रीय साझेदारों के नियंत्रण में रहेगा, किसी बाहरी ताकत के नहीं.
संघर्ष-विराम टूटने की खुली चेतावनी
तेहरान ने साफ किया है कि अमेरिकी नौसैनिक दखल मौजूदा संघर्ष-विराम समझौते का उल्लंघन माना जाएगा. यानी अमेरिका अगर जहाजों को एस्कॉर्ट करने के नाम पर सैन्य मौजूदगी बढ़ाता है, तो हाल ही में थमा युद्ध फिर भड़क सकता है. ईरान ने इसे सिर्फ समुद्री ऑपरेशन नहीं बल्कि अपनी संप्रभुता को चुनौती बताया है.
क्यों इतना अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल जलमार्गों में से एक है. यहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है. इस समय सैकड़ों जहाज फंसे होने की खबर है और करीब 20 हजार नाविक प्रभावित बताए जा रहे हैं. ऐसे में अमेरिका इसे वैश्विक व्यापार का मुद्दा बता रहा है, जबकि ईरान इसे अपने क्षेत्र में दबाव बनाने की कोशिश मान रहा है.
अब क्या हो सकता है?
ट्रंप का ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू होते ही होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे विस्फोटक समुद्री मोर्चा बन सकता है. एक तरफ अमेरिकी युद्धपोत, दूसरी तरफ ईरान की खुली चेतावनी—ऐसे में जरा सी चूक पूरे मध्य पूर्व को फिर आग में झोंक सकती है. फिलहाल दुनिया की नजर इसी टकराव पर टिकी है.
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