Last Updated Jun - 08 - 2026, 12:46 PM | Source : Fela News
लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई के बीच नेतन्याहू ने साफ कहा कि इजरायल अपने नागरिकों पर हमले बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने दावा किया कि हिज्बुल्लाह पीछे हट रहा है और उसके ठिकानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
लेबनान में जारी तनाव के बीच इजरायल ने हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई और तेज कर दी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायली सेना के लगातार हमलों से हिज्बुल्लाह दबाव में है और पीछे हटने को मजबूर हो रहा है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि सीजफायर के बावजूद इजरायल अपने नागरिकों और सीमावर्ती इलाकों पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा।
'हम हर हमले का देंगे करारा जवाब'
साप्ताहिक कैबिनेट बैठक की शुरुआत में नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों और उसके इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार निशाना बना रही है। उन्होंने कहा, “हम अपने क्षेत्रों और समुदायों पर फायरिंग नहीं होने देंगे। जो भी हमला करेगा, उसे कड़ा जवाब मिलेगा।”
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि सीमा के पास मौजूद हिज्बुल्लाह के ठिकानों को खत्म करने का अभियान जारी है और संगठन पर भारी दबाव बनाया जा रहा है।
सीजफायर के बाद भी दागे गए रॉकेट
इस बीच इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने बताया कि उत्तरी इजरायल की ओर दागे गए दो रॉकेटों को हवा में ही मार गिराया गया। पिछले सप्ताह लागू हुए नए सीजफायर के बाद यह पहला बड़ा रॉकेट हमला माना जा रहा है।
इजरायली सेना का कहना है कि सीजफायर लागू होने के बावजूद दक्षिणी लेबनान में तैनात सैनिकों को लगातार खतरे का सामना करना पड़ रहा है।
बेरूत में हिज्बुल्लाह मुख्यालय पर हमला
प्रधानमंत्री नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल कॉट्ज के निर्देश पर इजरायली सेना ने बेरूत के दहियाह इलाके में मौजूद हिज्बुल्लाह के कथित आतंकी मुख्यालय पर भी हमला किया। इजरायल का कहना है कि यह कार्रवाई उसके क्षेत्र पर हुई गोलीबारी के जवाब में की गई।
ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की धमकी
बेरूत पर हुए हमलों के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी अधिकारियों ने इसे सीजफायर का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह को निशाना बनाए जाने के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि सीजफायर के बावजूद दोनों पक्षों के बीच जारी सैन्य गतिविधियां किसी बड़े टकराव का संकेत हो सकती हैं। इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच बढ़ता तनाव पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
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