Last Updated Nov - 11 - 2025, 05:15 PM | Source : Fela News
पाकिस्तान में राजनीतिक उठापटक तेज है। सेना प्रमुख मुनीर के इशारे पर संविधान में बदलाव की तैयारी चल रही है। विपक्ष ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया।
पाकिस्तान की सियासत में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। देश के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर के प्रभाव में संसद ने संविधान में अहम संशोधन को मंजूरी दे दी है। सीनेट में पारित इस बिल के तहत “चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज” नाम से एक नई सैन्य पदस्थापना बनाई जा रही है, जिससे सेना की ताकत और बढ़ जाएगी।
इस संशोधन को कई विश्लेषक पाकिस्तान की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर “सैन्य कब्जे” का संकेत बता रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कदम जनरल मुनीर को अधिक राजनीतिक और संवैधानिक अधिकार देने की दिशा में उठाया गया है। कहा जा रहा है कि नए कानून के तहत सेना अब न केवल रक्षा मामलों में बल्कि नीति-निर्माण और राष्ट्रीय सुरक्षा के फैसलों में भी सीधा हस्तक्षेप कर सकेगी।
इसके अलावा, संविधान में “संवैधानिक न्यायालय” (Constitutional Court) की स्थापना का भी प्रावधान किया गया है, जो मौजूदा सुप्रीम कोर्ट से ऊपर की भूमिका निभाएगा। इस कदम को न्यायिक ढांचे पर नियंत्रण के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
विपक्षी दलों ने इस बिल को “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया है, जबकि सरकार समर्थक इसे “राष्ट्रीय स्थिरता की दिशा में सुधार” बता रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव पाकिस्तान को एक और सैन्य-प्रधान शासन की ओर ले जा सकता है, जहां लोकतंत्र केवल नाम का रह जाएगा और असली ताकत एक व्यक्ति के हाथ में सिमट जाएगी।