Last Updated Feb - 12 - 2026, 06:13 PM | Source : Fela News
सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल प्रशासन को आंखों की जांच कराने और परिवार के साथ फोन पर बातचीत की अनुमति देने के निर्देश दिए है
पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने 12 फरवरी 2026 को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के केस में अहम राहत प्रदान की है. अदालत ने जेल प्रशासन को इमरान की आंखों का विशेषज्ञ चिकित्सक से 16 फरवरी तक चेकअप कराने का निर्देश दिया है और साथ ही उनके बच्चों से फोन पर बातचीत की सुविधा सुनिश्चित करने का आदेश भी जारी किया है. यह आदेश कोर्ट द्वारा खान की स्वास्थ्य स्थितियों और मानवीय अधिकारों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान आया.
रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने जेल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इमरान खान के आंखों के परीक्षण में कोई देरी न हो और जांच योग्य नेत्र विशेषज्ञ द्वारा की जाए. जांच के दौरान विशेषज्ञ उनकी आंखों की स्थिति की समीक्षा करेंगे और आवश्यक इलाज सुझाएंगे. अदालत ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में जल्दबाजी आवश्यक है.
सूत्रों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने यह कदम खान के स्वास्थ्य और मानवीय संपर्क के अधिकार को प्रमुखता देने के उद्देश्य से उठाया है. अदालत ने अधिकारियों को आदेश दिया कि वे इमरान खान को उनके बच्चों से फोन पर बातचीत की अनुमति और सुविधा प्रदान करें, जिससे लंबे समय तक अलग रहने के बाद उन्हें परिवार से जुड़ने का अवसर मिल सके.
इमरान खान की ओर से दायर की गई याचिका में उनके स्वास्थ्य, विशेष रूप से आंखों की समस्या पर ध्यान केंद्रित किया गया था. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि आंखों की जांच समयबद्ध तरीके से होना चाहिए और इसके लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए. अदालत ने जेल प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि खान को जल्द से जल्द विशेषज्ञ जांच मिले.
इस बीच, अदालत ने स्पष्ट किया कि फोन पर बातचीत की मंजूरी खान के मूल अधिकारों का सम्मान करती है और इससे उनके भावनात्मक स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ सकता है. कोर्ट ने यह भी कहा कि इमरान खान को बुनियादी सुविधाएं उसी प्रकार मिलनी चाहिए जैसा कि अन्य कैदियों को उपलब्ध हैं, लेकिन किसी अतिरिक्त विशेषाधिकार के रूप में नहीं.
बताया जा रहा है कि इमरान खान 2023 से अदियाला जेल में हैं और विभिन्न मामलों में न्यायालयीय प्रक्रिया के तहत जेल में रखे गए हैं. अदालत का यह हालिया आदेश उनके स्वास्थ्य और परिवार से संपर्क को लेकर दिशा निर्देश प्रदान करता है और जेल प्रशासन को स्वास्थ्य जांच तथा फोन कॉल के प्रावधानों को सुनिश्चित करने का आदेश देता है.
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