Last Updated Feb - 12 - 2026, 04:03 PM | Source : Fela News
अमेरिका के सिएटल में 23 वर्षीय भारतीय छात्रा जाह्नवी कंडुला की पुलिस वाहन से टक्कर में हुई मौत के मामले में प्रशासन ने उनके परिवार के साथ 29 मिलियन अमेरिकी डॉलर
अमेरिका के सिएटल शहर में जनवरी 2023 में तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहे एक पुलिस अधिकारी की गाड़ी ने भारतीय छात्रा जाह्नवी कंडुला को टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी. इसके बाद परिवार ने सिएटल शहर और पूर्व पुलिस अधिकारी केविन डेव के खिलाफ 110 मिलियन अमेरिकी डॉलर का मुकदमा दायर किया था. इसी मुकदमे के हिस्से के रूप में अब प्रशासन और परिवार के बीच 29 मिलियन डॉलर का समझौता हुआ है.
रिपोर्ट के अनुसार, हादसा 23 जनवरी 2023 को हुआ था जब जाह्नवी सिएटल के नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही थीं और सड़क पार कर रही थीं. उसी समय पुलिस अधिकारी के वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी थी. अधिकारी उस वक्त एक ओवरडोज़ कॉल का जवाब देने के लिए 25 मील प्रति घंटे की सीमा वाले क्षेत्र में 74 मील प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन चला रहा था. डैशकैम फुटेज में जाह्नवी को सड़क पार करते समय टक्कर लगती दिखा था.
प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस समझौते से जाह्नवी के परिवार को कुछ हद तक राहत मिलेगी और यह लंबे समय से चली आ रही कानूनी लड़ाई को समाप्त करता है. लगभग 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर का भुगतान शहर के बीमा द्वारा कवर किया जाएगा और शेष राशि शहर द्वारा दी जाएगी. परिवार की वकील एरिका इवांस ने कहा कि जाह्नवी का जीवन उनके परिवार, दोस्तों और समुदाय के लिए महत्वपूर्ण था.
सूत्रों के मुताबिक, हादसे के बाद विवाद उस समय और बढ़ गया था जब एक अन्य पुलिस अधिकारी डेनियल ऑडेरर के बॉडी-कैमरा फुटेज में जाह्नवी की मौत को लेकर की गई टिप्पणी सामने आई थी. वीडियो में अधिकारी ने कहा था कि जाह्नवी का जीवन की “सीमित कीमत” थी और शहर को “बस एक चेक लिख देना चाहिए.” इस टिप्पणी के बाद आक्रोश फैला और स्थानीय स्तर पर भी आलोचना हुई. इसके बाद ऑडेरर को पद से बर्खास्त कर दिया गया था.
बताया जा रहा है कि अभियोजकों ने पहले डेव के खिलाफ आपराधिक आरोप चलाने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में उन पर लापरवाही से ड्राइविंग के आरोप में जुर्माना लगाया गया और उन्हें पुलिस विभाग से निकाल दिया गया. यह समझौता मामले को कानूनी तौर पर समाप्त करता है और प्रशासन का कहना है कि इससे परिवार को कुछ शांति मिलेगी.
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