Last Updated Apr - 07 - 2026, 03:26 PM | Source : Fela News
शहबाज सरकार ने पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान, इस्लामाबाद, गिलगित-बाल्टिस्तान और पीओके में सभी बाजार, मॉल और व्यावसायिक क्षेत्र रात 8 बजे बंद करने का आदेश दिया है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही पर रोक के बाद कई देशों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी देखने को मिल रही है। भारत, नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों ने इस संकट से निपटने के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन पाकिस्तान पर इसका असर ज्यादा पड़ा है। इसी के चलते शहबाज शरीफ सरकार ने देश में स्मार्ट लॉकडाउन लागू करने का फैसला लिया है।
सरकारी रेडियो के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई बैठक में पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान, इस्लामाबाद, गिलगित-बाल्टिस्तान और पीओके में बाजार, शॉपिंग मॉल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को सीमित करने का निर्णय लिया गया। अब इन क्षेत्रों में सभी बाजार और मॉल रात 8 बजे बंद कर दिए जाएंगे।
ऊर्जा बचत पर फोकस
सरकार का यह फैसला ऊर्जा संकट से निपटने के उद्देश्य से लिया गया है। बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों की बचत और उनके सीमित उपयोग पर जोर दिया गया। साथ ही, प्रांतीय सरकारों से सलाह के बाद कुछ इलाकों में समय सीमा में थोड़ी राहत भी दी गई है।
खैबर पख्तूनख्वा के कुछ संभागीय मुख्यालयों में बाजार और मॉल रात 9 बजे तक खुले रह सकेंगे। वहीं, जनरल स्टोर और डिपार्टमेंटल स्टोर को भी रात 8 बजे तक ही संचालन की अनुमति होगी।
शादी समारोह और अन्य गतिविधियों पर रोक
सरकार ने शादी और अन्य समारोहों पर भी सख्ती बढ़ा दी है। बेकरी, रेस्टोरेंट, मैरिज हॉल और अन्य आयोजन स्थल रात 10 बजे के बाद बंद कर दिए जाएंगे। इसके अलावा, निजी घरों में भी रात 10 बजे के बाद शादी समारोह आयोजित करने पर रोक लगा दी गई है।
हालांकि, जरूरी सेवाओं को राहत दी गई है। मेडिकल स्टोर और फार्मेसी इन प्रतिबंधों से बाहर रहेंगे ताकि लोगों को दवाइयों की सुविधा मिलती रहे।
आज रात से लागू होंगे नियम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये सभी प्रतिबंध तुरंत प्रभाव से लागू होंगे और मंगलवार रात 8 बजे से पूरे देश में स्मार्ट लॉकडाउन लागू हो जाएगा।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर राहत
इस बीच सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए कुछ कदम भी उठाए हैं। गिलगित और मुजफ्फराबाद में एक महीने तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मुफ्त कर दिया गया है, जिसका पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
इस बैठक में उप प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्री भी शामिल रहे। कुल मिलाकर, बढ़ते ऊर्जा संकट और क्षेत्रीय तनाव के बीच पाकिस्तान ने हालात को संभालने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।
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