Last Updated Apr - 05 - 2025, 03:29 PM | Source : Fela News
बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने नई पहलें कीं, जिनसे क्षेत्रीय व्यापार और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इन पहलों से आर्थिक संबंध मजबूत होंगे और साझेदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैंकॉक में आयोजित बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में क्षेत्रीय सहयोग को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। इन पहलों का उद्देश्य बिम्सटेक देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और आपसी सहयोग को सुदृढ़ करना है।
डिजिटल भुगतान प्रणाली का एकीकरण
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) प्रणाली को बिम्सटेक सदस्य देशों की भुगतान प्रणालियों से जोड़ने का सुझाव दिया। इस कदम से क्षेत्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लोगों को सीमा पार लेनदेन में आसानी होगी।
बिम्सटेक चैंबर ऑफ कॉमर्स की स्थापना
व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए, प्रधानमंत्री ने बिम्सटेक चैंबर ऑफ कॉमर्स की स्थापना का प्रस्ताव रखा। यह चैंबर सदस्य देशों के उद्यमियों को एक मंच प्रदान करेगा, जिससे वे आपसी सहयोग और निवेश के नए अवसर तलाश सकें।
वार्षिक व्यापार सम्मेलनों का आयोजन
प्रधानमंत्री मोदी ने बिम्सटेक क्षेत्र में वार्षिक व्यापार सम्मेलनों के आयोजन का सुझाव दिया। इन सम्मेलनों से सदस्य देशों के बीच व्यापारिक संवाद को बढ़ावा मिलेगा और नई साझेदारियों के अवसर उत्पन्न होंगे।
स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को प्रोत्साहन
क्षेत्रीय व्यापार को सरल बनाने के लिए, प्रधानमंत्री ने स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। इससे विदेशी मुद्रा पर निर्भरता कम होगी और व्यापारिक लेनदेन में सुविधा बढ़ेगी।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का साझा अनुभव
भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) में सफलता को साझा करते हुए, प्रधानमंत्री ने बिम्सटेक देशों के साथ इस अनुभव को बांटने की पेशकश की। उन्होंने सदस्य देशों की विशिष्ट आवश्यकताओं को समझने के लिए एक पायलट अध्ययन करने का सुझाव दिया, ताकि डिजिटल सहयोग को और मजबूत किया जा सके।
इन पहलों के माध्यम से, प्रधानमंत्री मोदी ने बिम्सटेक देशों के बीच सहयोग और विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता जताई। ये प्रस्ताव क्षेत्रीय समृद्धि और स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।