Last Updated Feb - 20 - 2026, 03:16 PM | Source : Fela News
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध की सलाह दी।भारत में भी ऐसे कदम की संभावना और प्रभाव को लेकर चर्चा तेज।
फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया है। उनके इस बयान के बाद भारत समेत कई देशों में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभाव को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
बताया जा रहा है कि मैक्रों ने कहा कि कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखना मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से जरूरी हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने सरकारों से इस दिशा में ठोस कदम उठाने पर विचार करने की बात कही। रिपोर्ट के अनुसार यह सुझाव डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव और किशोरों पर पड़ने वाले संभावित नकारात्मक असर को ध्यान में रखकर दिया गया है।
इस बीच भारत में भी बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर पहले से चर्चा होती रही है। बताया जा रहा है कि विशेषज्ञों का मानना है कि कम उम्र में अत्यधिक डिजिटल एक्सपोजर का असर व्यवहार, मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई पर पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्ण प्रतिबंध लागू करना व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि इंटरनेट उपयोग व्यापक हो चुका है।
सूत्रों के मुताबिक कई देशों में बच्चों के लिए आयु सत्यापन और सुरक्षा नियमों को सख्त करने पर काम चल रहा है। प्रशासनिक स्तर पर भी डिजिटल सुरक्षा और डेटा संरक्षण को लेकर नीतियां विकसित की जा रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार भारत में भी बच्चों के ऑनलाइन अनुभव को सुरक्षित बनाने के लिए नियमों और जागरूकता कार्यक्रमों की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है
वहीं दूसरी ओर कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिबंध के बजाय अभिभावकीय नियंत्रण, डिजिटल शिक्षा और प्लेटफॉर्म जिम्मेदारी को मजबूत करना अधिक प्रभावी उपाय हो सकता है। बताया जा रहा है कि नीति निर्माण के दौरान सामाजिक, तकनीकी और कानूनी पहलुओं को संतुलित करना आवश्यक होगा।
कुल मिलाकर मैक्रों के बयान ने बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस को तेज कर दिया है और भारत में भी संभावित नीतिगत कदमों पर चर्चा को नई दिशा मिली है।
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