Last Updated Nov - 28 - 2025, 02:40 PM | Source : Fela News
अमेरिका की संभावित इमिग्रेशन पॉलिसी से डर बढ़ा, भारत पर प्रभाव की अभी पुष्टि नहीं।
अमेरिका में डोनल्ड ट्रंप की सरकार के कुछ बयानों और प्रस्तावों ने फिर से ये बहस शुरू कर दी है कि कौन-कौन से देश वास्तव में “थर्ड वर्ल्ड” कहलाए जाएंगे, और अगर इनपर इमिग्रेशन बंद हुआ, तो इसका असर क्या होगा। फिलहाल स्पष्ट सूची नहीं मिली है कि सभी “थर्ड वर्ल्ड” देशों के नाम क्या होंगे, क्योंकि “थर्ड वर्ल्ड” की परिभाषा अक्सर बदलती रहती है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और कट्टर समर्थक बयान कह रहे हैं कि उन देशों पर विशेष ध्यान होगा जहाँ विकास दर कम है, आर्थिक अस्थिरता है या राजनीतिक अशांति है। इन बयानों में अफ्रीका, कुछ एशियाई देश और लैटिन अमेरिका के हिस्से शामिल करने की बात की गई है। लेकिन आधिकारिक रूप से अमेरिका की सरकार, वर्तमान में — कोई फाइनल सूची सार्वजनिक नहीं कर चुकी है जो स्पष्ट करे कि किन देशों के लिए वीजा या इमिग्रेशन बंद होगा।
इस स्थिति में भारत सहित बड़े, विकासशील देश भी असमंजस में हैं। भारत विकासशील देश है और कई मायनों में चुनौतियों का सामना कर रहा है। लेकिन भारत और अमेरिका के बीच पहले से ही वीजा-इमिग्रेशन पर मजबूत समझौते और कार्रवाई होती रही है, इसलिए यह कहना अभी मुश्किल है कि भारत खुद सीधे इस प्रस्ताव से प्रभावित होगा।
विशेषज्ञों की मानना है कि अगर अमेरिका वीजा या इमिग्रेशन पॉलिसी में बदलाव करता है, तो उसका असर सबसे पहले उन देशों पर दिखेगा जिन्हें पहले से “हाई-रिस्क” जोड़ा जाता रहा है: आर्थिक मंदी, राजनीतिक अस्थिरता या सामाजिक अशांति वाले देश। हालांकि, भारत जैसे बड़े और द्विपक्षीय रिश्तों वाले देश के लिए संभावना कम लगती है।
अफवाहों और अटकलों के बीच तर्क यही बनता है कि अगर पहली सूची में भारत नहीं है, तो भारतीयों के लिए फिलहाल सुरक्षित समझा जा सकता है। लेकिन विदेश जाने वालों और प्रवासी कामगारों को लगातार सरकारी घोषणाओं और मीडिया रिपोर्ट्स पर सतर्क नज़र रखनी चाहिए।