Last Updated Apr - 22 - 2026, 04:16 PM | Source : Fela News
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मुज्तबा खामेनेई के खिलाफ अब तक हमलावर रहे हैं. ट्रंप ने मुज्तबा को समलैंगिक बताया था. उन्हें मारने की धमकी दी थी, लेकिन अब यूटर्न लेते हुए उन्होंने मुज्तबा की जमकर तारीफ की है. ट्रंप ने मुज्तबा को समझदार नेता बताया है.
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक चौंकाने वाला सियासी मोड़ सामने आया है। डोनाल्ड ट्रंप, जो पहले ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई पर लगातार हमलावर थे, अब उनकी खुलकर तारीफ करते नजर आ रहे हैं। एक हालिया टीवी इंटरव्यू में ट्रंप ने मुज्तबा को “समझदार और तर्कसंगत नेता” बताया और कहा कि वे अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की तुलना में कम कट्टर हैं।
ट्रंप का यह बदला हुआ रुख इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ समय पहले तक वे मुज्तबा के खिलाफ बेहद सख्त बयान दे चुके हैं। उन्होंने न सिर्फ उनकी तुलना “बदमाश” से की थी, बल्कि एक इंटरव्यू में उन्हें लेकर विवादित टिप्पणी भी की थी। यहां तक कि एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने मुज्तबा को लेकर धमकी भरे बयान भी दिए थे। ऐसे में अचानक आई यह नरमी वैश्विक राजनीति में नए संकेत दे रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, ट्रंप का यह यू-टर्न दरअसल मौजूदा भू-राजनीतिक हालात से जुड़ा है। अमेरिका इस समय ईरान के साथ जारी तनाव को खत्म करने की कोशिशों में लगा हुआ है, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिल पाई है। 21 अप्रैल को दोनों देशों के बीच प्रस्तावित अहम बैठक भी रद्द हो गई, जिसकी वजह ईरान की सत्ता में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की बढ़ती दखलअंदाजी मानी जा रही है।
ऐसे में अमेरिका को उम्मीद है कि सुप्रीम लीडर स्तर पर हस्तक्षेप से बातचीत का रास्ता फिर खुल सकता है। यही कारण है कि ट्रंप अब मुज्तबा के प्रति सकारात्मक रुख अपनाते दिख रहे हैं। वहीं, बदलते हालात में ईरान की स्थिति पहले से मजबूत मानी जा रही है, जिससे किसी भी संभावित समझौते में उसका पलड़ा भारी नजर आ रहा है।
इधर, IRGC की ओर से अमेरिका को सख्त चेतावनी भी दी गई है। संगठन ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका ने कोई हमला किया, तो उसका “मुंहतोड़ जवाब” दिया जाएगा और उनकी “अंगुली ट्रिगर पर है।” रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समय ईरान में बड़े फैसलों पर IRGC का प्रभाव काफी बढ़ गया है, जिससे कूटनीतिक प्रयास और जटिल हो गए हैं।
कुल मिलाकर, ट्रंप का बदला हुआ रुख सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि एक बड़ी रणनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंधों की दिशा तय कर सकती है।
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