Last Updated Jan - 13 - 2026, 04:11 PM | Source : Fela News
अमेरिकी कांग्रेस में ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने का बिल पेश किया गया है। अगर यह कानून बन गया तो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इसे लागू करने का अधिका
अमेरिकी रिपब्लिकन कांग्रेसमैन रैंडी फाइन ने ग्रीनलैंड को अमेरिका के हिस्से में शामिल करने के लिए एक नया बिल पेश किया है। यह बिल कांग्रेस में चर्चा के लिए आया है और इसके जरिए ट्रंप जैसी पूर्व सरकार को इस दिशा में जरूरी कदम उठाने का अधिकार देने की संभावना पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
बिल के प्रस्तावक का कहना है कि ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संसाधनों की वजह से इसे अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाया जा सकता है। इसमें खनिज, ऊर्जा और सैन्य सुरक्षा जैसे मुद्दों को ध्यान में रखा गया है। बिल में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर यह कानून बनता है, तो राष्ट्रपति को जरूरी कार्रवाई करने का अधिकार मिलेगा।
विश्लेषकों का कहना है कि ग्रीनलैंड के अधिग्रहण की बात नए नहीं है। ट्रंप प्रशासन के समय भी यह चर्चा रही थी, लेकिन किसी ठोस कदम तक नहीं पहुंची थी। अब यह बिल अमेरिका की आंतरिक राजनीति में एक रणनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे सांसदों और जनता का ध्यान महत्वपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र की ओर आकर्षित हो।
इस प्रस्ताव पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण रहेगी। डेनमार्क, जो ग्रीनलैंड का प्रशासनिक अधिकार रखता है, ने पहले ही ऐसे प्रस्तावों को लेकर असहमति जताई थी। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यह बिल पारित भी हुआ तो इसे लागू करना आसान नहीं होगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कानून और द्विपक्षीय संबंध भी इसमें बाधक बन सकते हैं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बिल का उद्देश्य सिर्फ ग्रीनलैंड को जोड़ना नहीं, बल्कि अमेरिका की रणनीतिक स्थिति और घरेलू चुनावी माहौल में जोर बनाने का एक तरीका भी हो सकता है। ट्रंप जैसे नेताओं को इस तरह के अधिकार देने का कदम उनके समर्थकों को संदेश देने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, अमेरिकी संसद में ग्रीनलैंड अधिग्रहण बिल ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू राजनीति दोनों में हलचल पैदा कर दी है। अब सवाल यह है कि क्या यह बिल केवल चर्चा तक सीमित रहेगा या इसे लागू करने की दिशा में वास्तविक कदम उठाए जाएंगे।