Last Updated Mar - 21 - 2026, 10:33 AM | Source : Fela News
EPFO 3.0 Update: EPFO 3.0 के नए बदलाव से PF क्लेम, पेंशन और अकाउंट ट्रांसफर अब पहले से ज्यादा आसान और तेज़ हो गया है। इसका उद्देश्य प्रोविडेंट फंड और पेंशन सेवाओं को पेपरलेस और सुविधाजनक बनाना है।
EPFO 3.0 Update:सरकार ने संसद में EPFO 3.0 के बारे में नई जानकारी साझा की है। यह पहल डिजिटलाइजेशन की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसका उद्देश्य प्रोविडेंट फंड और पेंशन सेवाओं को तेज, आसान और पूरी तरह पेपरलेस बनाना है।
लोकसभा में श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि EPFO 3.0 को इस तरह डिजाइन किया गया है कि सदस्य अपने खातों को एक ही प्लेटफॉर्म पर आसानी से मैनेज कर सकें। इसका मकसद दस्तावेजों की जरूरत को कम करना, क्लेम को तेजी से निपटाना और नियोक्ताओं पर निर्भरता घटाना है।
EPFO 3.0 के मुख्य फायदे 5 पॉइंट में:
1. 5 लाख तक का ऑटो-सेटलमेंट – अब 5 लाख रुपये तक के PF क्लेम बिना किसी अप्रूवल के अपने आप सेटल हो जाएंगे। सिस्टम खुद डेटा चेक करके पैसा सीधे आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर देगा। पहले यह लिमिट केवल 1 लाख रुपये थी।
2. पैसा तेजी से मिलेगा – पहले PF क्लेम में 7-15 दिन लगते थे, कभी-कभी महीना भी। अब नए सिस्टम के तहत क्लेम करने के 3-4 दिन में पैसा आपके खाते में आएगा।
3. कागजी कार्यवाही खत्म – पहले क्लेम फॉर्म के साथ बैंक पासबुक या चेक अपलोड करना पड़ता था। EPFO 3.0 में अगर आपका KYC (आधार, पैन और बैंक) अपडेटेड है, तो सिस्टम खुद वेरिफिकेशन कर लेगा।
4. कम रिजेक्शन – EPFO 3.0 में 'एरर करेक्शन' सिस्टम बेहतर है। फॉर्म भरते समय ही आपको किसी गलती की जानकारी मिल जाएगी, जिससे क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना कम हो जाएगी।
5. पूरी तरह डिजिटल – EPFO 3.0 डिजिटल होने से आप अपने क्लेम का स्टेटस रियल-टाइम में ट्रैक कर सकते हैं। मानवीय दखलअंदाजी कम होने से भ्रष्टाचार और देरी की संभावना घटती है।
सेंट्रलाइज्ड पेंशन सिस्टम
EPFO 3.0 में CPPS (Centralized Pension Payment System) की शुरुआत की गई है। यह सिस्टम 1 जनवरी, 2025 से पूरी तरह लागू है। अब पेंशन का भुगतान एक ही सेंट्रलाइज्ड जगह से प्रोसेस होगा और भारत के किसी भी शेड्यूल्ड बैंक की शाखा के माध्यम से दिया जा सकेगा। इससे हर महीने 70 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को फायदा होता है।
न्यूनतम पेंशन और फंड स्थिरता
सरकार ने EPS पेंशन में अभी कोई बदलाव नहीं किया है। वर्तमान में न्यूनतम पेंशन 1000 रुपये प्रति माह है, जो नियोक्ता (8.33%) और सरकार (1.16%) के योगदान से दी जाती है। सरकार ने फंड की स्थिरता और भविष्य की जिम्मेदारियों पर संतुलन बनाए रखने की जरूरत भी बताई।
एमनेस्टी स्कीम 2025
इस स्कीम के तहत 4815 संस्थानों ने भाग लिया और 39,000 से अधिक UAN जारी किए गए। PM-VBRY स्कीम के तहत मिलने वाले लाभ मार्च 2026 से लागू होंगे, जो पात्रता के छह महीने पूरे होने पर मिलेंगे।
EPFO 3.0 के ये बदलाव PF और पेंशन प्रक्रिया को तेज, सरल और डिजिटल बनाकर कर्मचारियों के लिए आसान बना देंगे।
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