Last Updated Mar - 27 - 2026, 10:44 AM | Source : Fela News
Share Market Today: राम नवमी की छुट्टी के बाद शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान पर खुले और बाजार में कमजोरी देखने को मिली।
Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत शुक्रवार, 27 मार्च को गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में ही बाजार में कमजोरी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 389 अंकों की गिरावट के साथ 74,883 के स्तर पर खुला, जबकि एनएसई का प्रमुख इंडेक्स निफ्टी-50 भी 132 अंक लुढ़ककर 23,173 पर कारोबार शुरू करता नजर आया।
ग्लोबल संकेतों का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। एशियाई बाजारों में भी आज भारी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका में तेज बिकवाली और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों में डर का माहौल बना हुआ है। इसका असर जापान के निक्केई 225 पर पड़ा, जो करीब 0.9 प्रतिशत गिर गया, वहीं टॉपिक्स इंडेक्स में भी 0.4 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
दक्षिण कोरिया के बाजारों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। कोस्पी इंडेक्स करीब 3 प्रतिशत तक गिरा, जबकि कोस्डैक में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी शुरुआती कारोबार में करीब 0.42 प्रतिशत नीचे चला गया।
अमेरिकी शेयर बाजार की बात करें तो गुरुवार, 26 मार्च को वॉल स्ट्रीट में भारी बिकवाली हुई थी। नैस्डेक कंपोजिट, डाऊ जोन्स और S&P 500 तीनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। S&P 500 में 1.7 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि टेक सेक्टर पर ज्यादा दबाव के चलते नैस्डेक कंपोजिट 2.4 प्रतिशत तक गिर गया। डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज भी करीब 1.01 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।
कमोडिटी बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट आई है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीद और ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले को टालने के फैसले का असर कीमतों पर पड़ा। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड लगभग 0.5 प्रतिशत गिरकर 94 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड करीब 0.93 प्रतिशत गिरकर 107 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
वहीं, अमेरिकी डॉलर में भी हल्की कमजोरी दर्ज की गई। यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY), जो छह प्रमुख विदेशी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है, करीब 0.04 प्रतिशत गिरकर 99.89 पर आ गया। इस बास्केट में यूरो, पाउंड, येन, स्विस फ्रैंक जैसी प्रमुख करेंसी शामिल हैं। दूसरी ओर, भारतीय रुपया 25 मार्च को 0.10 प्रतिशत मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 93.97 पर बंद हुआ था।
कुल मिलाकर, ग्लोबल संकेतों की कमजोरी और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते बाजार में दबाव बना हुआ है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
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