Last Updated Mar - 11 - 2026, 04:50 PM | Source : Fela News
Eye Irritation Causes:कई लोगों को अक्सर आंखों के सूखने की समस्या रहती है। आइए जानते हैं कि इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं और इससे बचाव के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।
Why Do Eyes Feel Dry Without Screen Time: आजकल कई लोग आंखों में जलन, सूखापन और किरकिराहट की शिकायत कर रहे हैं। आमतौर पर इसके लिए मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन को जिम्मेदार माना जाता है। लेकिन आंखों के डॉक्टरों का कहना है कि कई ऐसे लोग भी इस समस्या से परेशान हैं जो ज्यादा स्क्रीन का इस्तेमाल नहीं करते। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर आंखों के सूखने की समस्या क्यों बढ़ रही है।
क्यों होती है यह समस्या?
विशेषज्ञों के मुताबिक आंखों की सतह पर एक पतली परत होती है जिसे टियर फिल्म कहा जाता है। यही परत आंखों को नम बनाए रखती है और उन्हें आराम देती है। जब इस परत का संतुलन बिगड़ जाता है तो आंखों में सूखापन, खुजली और जलन जैसी परेशानी होने लगती है। डॉक्टरों का कहना है कि आज की बदलती लाइफस्टाइल भी इस संतुलन को प्रभावित कर रही है।
भारत में कितने लोग हैं प्रभावित
एक स्टडी के अनुसार उत्तर भारत में करीब 32 प्रतिशत लोग ड्राई आई की समस्या से जूझ रहे हैं। यह स्थिति तब होती है जब आंखों में पर्याप्त आंसू नहीं बनते या बनने वाले आंसू जल्दी सूख जाते हैं। आंसू सिर्फ पानी नहीं होते, बल्कि उनमें तेल, म्यूकस और प्रोटीन भी होते हैं जो आंखों को संक्रमण से बचाते हैं। जब इनका संतुलन बिगड़ता है तो आंखों में जलन और असहजता महसूस होने लगती है।
क्या हैं इसके मुख्य कारण
शहरों में बढ़ता प्रदूषण, धूल और एयर कंडीशनर का ज्यादा इस्तेमाल भी आंखों को प्रभावित करता है। एसी के कारण हवा में नमी कम हो जाती है, जिससे आंखों की नमी जल्दी खत्म हो जाती है। इसके अलावा जब हम लंबे समय तक किसी काम में ध्यान लगाते हैं, जैसे पढ़ना या ड्राइव करना, तो पलक झपकाने की गति कम हो जाती है। इससे आंखों की सतह पर आंसुओं की परत सही तरह से नहीं फैल पाती और सूखापन महसूस होने लगता है। एलर्जी भी कई बार आंखों में जलन और खुजली का कारण बन सकती है।
कैसे करें बचाव
डॉक्टरों के अनुसार शरीर में पानी की कमी, नींद पूरी न होना और विटामिन A, D व ओमेगा-3 जैसे पोषक तत्वों की कमी भी आंखों के सूखेपन को बढ़ा सकती है। इसलिए पर्याप्त पानी पीना, अच्छी नींद लेना और समय-समय पर आंखों को आराम देना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर आंखों की जांच भी करानी चाहिए। छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
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