Last Updated Apr - 24 - 2026, 01:13 PM | Source : Fela News
ड्रग कंट्रोलर के अनुसार, मौनजारो एंटी-डायबिटिक दवा है, जिसका वजन घटाने में उपयोग बढ़ा। सोशल मीडिया ट्रेंड के चलते मांग तेज, नकली इंजेक्शन का खतरा भी बढ़ा है।
Fake Weight Loss Injection: देशभर में तेजी से पॉपुलर हो रहे वेट लॉस इंजेक्शन अब लोगों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं. हाल ही में गुरुग्राम में ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट की कार्रवाई के दौरान नकली इंजेक्शन बनाने वाले बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है. छापेमारी में करीब 70 लाख रुपये के फर्जी इंजेक्शन बरामद किए गए. जांच में सामने आया कि आरोपी किराए के फ्लैट में ही नकली इंजेक्शन तैयार कर रहे थे और चीन से मंगाए गए सस्ते केमिकल, सिरिंज और पैकेजिंग के जरिए इन्हें असली जैसा रूप दिया जा रहा था.
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हो रही थी सप्लाई
हैरानी की बात यह है कि ये नकली इंजेक्शन सिर्फ आम लोगों तक ही नहीं, बल्कि मेडिकल प्रोफेशनल्स तक भी पहुंच रहे थे. शुरुआती जांच में पता चला है कि इनकी सप्लाई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भी की जा रही थी, जिससे खतरा और बढ़ गया है.
क्या है मौनजारो और क्यों बढ़ी डिमांड?
ड्रग कंट्रोलर के अनुसार, मौनजारो एक एंटी-डायबिटिक दवा है, जिसे डॉक्टर की सलाह पर वजन घटाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है. सोशल मीडिया ट्रेंड, सेलिब्रिटी इन्फ्लुएंस और तेजी से वजन कम करने की चाहत ने इसकी मांग को काफी बढ़ा दिया है. इसी बढ़ती डिमांड का फायदा उठाकर नकली दवाओं का कारोबार तेजी से फैल रहा है.
नकली इंजेक्शन के गंभीर खतरे
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नकली वेट लॉस इंजेक्शन बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं. इनमें असली दवा का प्रभावी तत्व नहीं होता या फिर जहरीले केमिकल मिलाए जाते हैं. इसके सेवन से इलाज बेअसर हो सकता है, शरीर में टॉक्सिक रिएक्शन हो सकते हैं और गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती तक की नौबत आ सकती है. लंबे समय में यह शरीर के अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है.
भारत में क्यों बढ़ रहा खतरा?
विशेषज्ञों का कहना है कि देश में नकली दवाओं की समस्या पुरानी है, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ता जा रहा है. नियमों के बावजूद सप्लाई चेन में खामियों के चलते ऐसी दवाएं आसानी से बाजार तक पहुंच जाती हैं.
ऐसे पहचानें नकली इंजेक्शन
डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. दवा हमेशा लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर से ही खरीदें और बिना डॉक्टर की सलाह के इंजेक्शन लेने से बचें. पैकेजिंग को ध्यान से जांचें—स्पेलिंग मिस्टेक, टूटी सील या संदिग्ध लेबल नकली होने के संकेत हो सकते हैं. अगर क्यूआर कोड हो, तो उसे जरूर वेरिफाई करें. साथ ही सोशल मीडिया या अनजान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से दवा खरीदने से बचना बेहद जरूरी है.
सावधानी ही बचाव
तेजी से वजन घटाने की चाहत में बिना जांच-परख के दवाओं का इस्तेमाल करना भारी पड़ सकता है. ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है.
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