Header Image

High Cholesterol In Young Age: कम उम्र में बढ़ रहा कोलेस्ट्रॉल खतरा, 11 संस्थानों की नई गाइडलाइन जारी

High Cholesterol In Young Age: कम उम्र में बढ़ रहा कोलेस्ट्रॉल खतरा, 11 संस्थानों की नई गाइडलाइन जारी

Last Updated Mar - 17 - 2026, 03:43 PM | Source : Fela News

Heart Health Tips: हार्ट से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में विशेषज्ञों ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें बताया गया है कि कोलेस्ट्रॉल के खतरे से कैसे बचा जा सकता है और दिल को स्वस्थ रखा जा सकता है।
कम उम्र में बढ़ रहा कोलेस्ट्रॉल खतरा
कम उम्र में बढ़ रहा कोलेस्ट्रॉल खतरा

Why High Cholesterol Is Increasing In Young People: दिल की बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए विशेषज्ञों ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें कम उम्र से ही कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने पर जोर दिया गया है। गाइडलाइन के अनुसार, 30 साल की उम्र से ही लोगों को LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को कम रखने की कोशिश शुरू कर देनी चाहिए और इसे जीवनभर नियंत्रित रखना जरूरी है। यह दिशा-निर्देश अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन, अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी और अन्य संस्थानों ने मिलकर जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य दिल की बीमारियों से होने वाली मौतों को कम करना है।

नई गाइडलाइन में कहा गया है कि कोलेस्ट्रॉल की जांच बचपन से ही शुरू हो जानी चाहिए। करीब 10 साल की उम्र में पहला टेस्ट कराने की सलाह दी गई है, ताकि जेनेटिक कारणों से हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों की पहचान हो सके। इसके बाद 18-20 साल की उम्र में दोबारा जांच और हर पांच साल में नियमित स्क्रीनिंग जरूरी बताई गई है। जिन लोगों को डायबिटीज या हाई LDL की समस्या है, उन्हें ज्यादा बार टेस्ट कराने की सलाह दी गई है।

गाइडलाइन के मुताबिक, सामान्य लोगों को अपना LDL 100 से नीचे रखना चाहिए। वहीं, जिन लोगों में हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा ज्यादा है, उन्हें इसे 70 से नीचे रखना होगा। जिन मरीजों को पहले से दिल का दौरा या स्ट्रोक हो चुका है, उनके लिए LDL 55 से भी कम रखने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में जितनी देर तक LDL का स्तर ज्यादा रहता है, दिल की बीमारी का खतरा उतना ही बढ़ता है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए सबसे पहले लाइफस्टाइल में बदलाव जरूरी है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर स्टैटिन जैसी दवाइयां भी दे सकते हैं। गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि केवल सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहना सही नहीं है। साथ ही, LDL के अलावा Lp(a) नाम के प्रोटीन की जांच भी जरूरी बताई गई है, जो दिल की बीमारी के खतरे को बढ़ा सकता है।

यह भी पढ़े  

Side Effects Of Birth Control Pills: क्या गर्भनिरोधक दवाइयों से बढ़ता है कैंसर का खतरा? जानें सच्चाई

Share :

Trending this week

ओवरईटिंग से बढ़ता है बीमारियों का खतरा? जानें पूरा सच

Apr - 13 - 2026

ओवरईटिंग यानी जरूरत से ज्यादा खाना आज की तेज रफ्तार लाइ... Read More

प्यास लगे तब ही पानी?

Apr - 09 - 2026

What Happens If You Don’t Drink Enough Water: प्यास लगी तभी पानी पीना… सुनने में... Read More

हाथों में झुनझुनी और सुन्नपन को न करें नजरअंदाज

Apr - 03 - 2026

Why Do My Hands Tingle Frequently: अगर आपके हाथों में बार-बार झुनझुनी या सुन्... Read More