Last Updated May - 19 - 2025, 03:18 PM | Source : Fela News
Men Mental Stress: पुरुषों से अक्सर कहा जाता है कि वो अपना दर्द और कमजोरी छुपाएं, इसी वजह से कई बार वो डिप्रेशन जैसी गंभीर बीमारी से जूझने लगते हैं।
Men Suicide News: भारत में 2022 में जितने लोगों ने आत्महत्या की, उनमें से 72% पुरुष थे। ये आंकड़ा दिखाता है कि पुरुषों में मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ रही हैं, लेकिन इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता।
पुरुषों को अपना दर्द छुपाने को कहा जाता है
मनोचिकित्सक डॉ. ज्योति कपूर का कहना है कि बचपन से ही पुरुषों को सिखाया जाता है कि वे अपनी भावनाएं ना दिखाएं और कमजोर ना बनें। इसी वजह से वे अकेले ही मानसिक तनाव झेलते रहते हैं और कई बार हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि आत्महत्या जैसा कदम उठाते हैं।
डॉ. कपूर ने कहा कि अब समय आ गया है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात की जाए। लोगों को इलाज के लिए आसानी से मदद मिलनी चाहिए, और ऐसा माहौल बनाना जरूरी है जहां पुरुष घर और ऑफिस में अपनी भावनाएं खुलकर ज़ाहिर कर सकें।
झूठे आरोप और घरेलू हिंसा का शिकार होते हैं पुरुष
कुछ रिसर्च बताते हैं कि पुरुष भी भावनात्मक शोषण, झूठे आरोप और घरेलू हिंसा का शिकार होते हैं। लेकिन उनके लिए कोई मजबूत कानूनी सुरक्षा या मनोवैज्ञानिक मदद उपलब्ध नहीं है।
हरियाणा के गांवों में हुई एक स्टडी में पाया गया कि करीब 52% शादीशुदा पुरुषों ने लिंग आधारित हिंसा का सामना किया, लेकिन उन्हें कोई कानूनी या मानसिक मदद नहीं मिली।
झूठे आरोपों से होता है मानसिक आघात
क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक डॉ. प्रीति सिंह ने बताया कि 2013-14 के एक अध्ययन में सामने आया कि उस समय दर्ज हुए रेप केसों में 53% से ज्यादा आरोप झूठे थे। इससे यह चिंता बढ़ गई है कि ऐसे झूठे आरोपों का शिकार बनने से पुरुषों को गहरा मानसिक आघात लगता है। वे डिप्रेशन, एंग्जायटी और लंबे समय तक चलने वाले तनाव में फंस जाते हैं।
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