Last Updated Feb - 11 - 2026, 11:58 AM | Source : Fela News
पर्याप्त पानी पीने के बावजूद अगर थकान, सिरदर्द और सूखापन बना रहता है, तो इसकी वजह सिर्फ पानी की कमी नहीं, बल्कि इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन भी हो सकता है।
अक्सर हमें बचपन से सिखाया जाता है कि दिनभर में 7-8 गिलास पानी पीना जरूरी है, ताकि शरीर हाइड्रेट रहे। लेकिन क्या आपने कभी ऐसा महसूस किया है कि पर्याप्त पानी पीने के बाद भी शरीर थका-थका सा लगता है, मुंह सूखता है या सिर दर्द बना रहता है? अगर हां, तो यह सिर्फ आपकी कल्पना नहीं है। इसके पीछे कुछ वैज्ञानिक और लाइफस्टाइल से जुड़ी वजहें हो सकती हैं।
सबसे पहले समझना जरूरी है कि हाइड्रेशन केवल पानी पीने से पूरा नहीं होता। शरीर में पानी के साथ-साथ इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन भी उतना ही अहम होता है। इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और क्लोराइड शरीर में फ्लूइड बैलेंस बनाए रखने में मदद करते हैं। अगर आप केवल सादा पानी अधिक मात्रा में पी रहे हैं लेकिन शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी है, तो पानी सही तरीके से कोशिकाओं तक नहीं पहुंच पाता। ऐसे में बार-बार पेशाब के जरिए पानी बाहर निकल जाता है और शरीर अंदर से डिहाइड्रेट महसूस करता है।
दूसरी बड़ी वजह हो सकती है गलत खान-पान । ज्यादा कैफीन, चाय, कॉफी या अल्कोहल का सेवन शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकता है। ये सभी पदार्थ डाइयुरेटिक (मूत्रवर्धक) प्रभाव डालते हैं, जिससे शरीर जल्दी-जल्दी पानी बाहर निकाल देता है। इसके अलावा ज्यादा नमक या प्रोसेस्ड फूड खाने से भी शरीर का फ्लूइड बैलेंस बिगड़ सकता है।
तीसरी वजह लाइफस्टाइल से जुड़ी है। अगर आप बहुत ज्यादा पसीना बहाते हैं, वर्कआउट करते हैं या गर्म मौसम में रहते हैं, तो केवल पानी पीना काफी नहीं होता। ऐसे में शरीर को मिनरल्स की अतिरिक्त जरूरत होती है। कई बार लोग डाइटिंग या फास्टिंग के दौरान भी पर्याप्त पोषक तत्व नहीं ले पाते, जिससे कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसा एहसास होता है।
कुछ मेडिकल कंडीशन भी इसका कारण बन सकती हैं। डायबिटीज, थायरॉइड असंतुलन या कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट से शरीर में पानी का संतुलन प्रभावित हो सकता है। अगर लगातार प्यास लगना, चक्कर आना या त्वचा का अत्यधिक सूखना जैसी समस्याएं बनी रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
अब सवाल उठता है कि समाधान क्या है? सबसे पहले, केवल पानी की मात्रा पर नहीं बल्कि उसकी गुणवत्ता पर भी ध्यान दें। दिनभर में सादा पानी के साथ-साथ नारियल पानी, छाछ, नींबू-पानी या इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय शामिल करें। अपने भोजन में फल और सब्जियां बढ़ाएं, क्योंकि इनमें प्राकृतिक मिनरल्स और पानी दोनों होते हैं। अत्यधिक कैफीन और जंक फूड से दूरी बनाएं।
साथ ही, शरीर के संकेतों को समझें। प्यास लगने का इंतजार करने के बजाय नियमित अंतराल पर पानी पिएं। अगर बहुत अधिक थकान या डिहाइड्रेशन जैसा एहसास बना रहता है, तो इसे नजरअंदाज न करें।
याद रखिए, हाइड्रेशन केवल "कितना पानी” पीने से नहीं, बल्कि "कैसे और किसके साथ" पानी पीने से जुड़ा है। सही संतुलन ही आपके शरीर को सच में हाइड्रेट रख सकता है।
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