Last Updated Jan - 23 - 2026, 02:48 PM | Source : Fela News
छत्तीसगढ़ के कोरबा में चोरों ने गैस कटर से 60 फीट लंबा लोहे का पुल काटकर चुरा लिया। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में चोरी की एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि पुलिस और प्रशासन को भी सन्न कर दिया। जिले के रशियन हॉस्टल के पास नहर पर बना करीब 60 फीट लंबा और लगभग 30 टन वजनी लोहे का पुल रातों-रात गायब हो गया । यह पुल पिछले करीब 40 वर्षों से स्थानीय लोगों के रोजमर्रा के आवागमन का अहम जरिया था।
यह वारदात 17 जनवरी 2026 की रात को अंजाम दी गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि चोर पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचे थे। वे गैस कटर मशीन, ऑक्सीजन सिलेंडर और एलपीजी सिलेंडर लेकर आए थे। पूरी रात चोरों ने पुल के लोहे के ढांचे और रेलिंग को काटा और छोटे-छोटे टुकड़ों में बदल दिया। इसके बाद इन टुकड़ों को वाहनों में भरकर मौके से फरार हो गए।
अगली सुबह जब स्थानीय लोग पुल के पास पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए। जहां पुल होना चाहिए था, वहां सिर्फ नहर बह रही थी। देखते ही देखते इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस को सूचना दी गई। इतने बड़े और भारी भरकम ढांचे की चोरी ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर इतनी बड़ी वारदात बिना किसी को भनक लगे कैसे हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने तुरंत एक विशेष जांच टीम और साइबर सेल को जांच में लगाया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान शुरू की। साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने कुल 15 आरोपियों की पहचान की, जिनमें से अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में लोचन केवट (20), जयसिंह राजपूत (23), मोती प्रजापति (27), सुमित साहू (19) और केशवपुरी गोस्वामी उर्फ पिच्चर (22) शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने पुल चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर करीब 5 टन कटा हुआ लोहा बरामद किया है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल किया गया एक टाटा एस वाहन, एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, गैस कटर मशीन, ऑक्सीजन और एलपीजी सिलेंडर, मोबाइल फोन और 6,000 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह घटना न केवल चोरी की गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े करती है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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