Last Updated Feb - 06 - 2026, 01:30 PM | Source : Fela News
पंजाब के जालंधर में AAP नेता लक्की ओबेराय की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। मॉडल टाउन इलाके में हुई वारदात के बाद शहर में दहशत, पुलिस CCTV से जांच में जुटी।
पंजाब के जालंधर से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता लक्की ओबेराय की बदमाशों ने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात मॉडल टाउन इलाके में स्थित गुरुद्वारा साहिब के बाहर हुई, जहां हमलावरों ने लक्की ओबेराय पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि उनके शरीर में कुल पांच गोलियां लगीं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला इतना अचानक और तेज था कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। गोलियों की आवाज से इलाके में भगदड़ मच गई और दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की मदद से लक्की ओबेराय को तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेरकर सील कर दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल सख्त कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह हत्या पूरी तरह से सुनियोजित लगती है और हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस फिलहाल आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और उनके भागने के रास्तों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और चश्मदीदों के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
लक्की ओबेराय आम आदमी पार्टी में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उनकी पत्नी ने AAP की ओर से नगर निगम चुनाव भी लड़ा था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, लक्की ओबेराय कैंट हल्का की इंचार्ज राजविंदर कौर थियाडा के करीबी माने जाते थे, जिससे उनका राजनीतिक प्रभाव भी क्षेत्र में था ।
इस हत्या के बाद जालंधर शहर में डर और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि दिनदहाड़े, सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की वारदात ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर हलचल तेज हो गई है और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठ रही है।
पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे आपसी रंजिश, राजनीतिक दुश्मनी या किसी अन्य साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जालंधर में हुई यह वारदात न सिर्फ एक राजनीतिक नेता की हत्या है, बल्कि यह शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है।
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