Last Updated May - 08 - 2026, 01:42 PM | Source : Fela News
बंगाल चुनाव में TMC की हार के बाद अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी से मुलाकात की. इस बैठक पर बीजेपी नेता दिलीप घोष ने तीखा तंज कसते हुए बड़ा राजनीतिक बयान दे
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति और ज्यादा गरमा गई है. समाजवादी पार्टी प्रमुख और लोकसभा सांसद अखिलेश यादव गुरुवार को बंगाल पहुंचे और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी से मुलाकात की. इस मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है. वहीं बीजेपी विधायक दिलीप घोष ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखा हमला बोलते हुए बड़ा बयान दे दिया.
ममता से मिले अखिलेश, बोले- दीदी हारी नहीं हैं
कोलकाता में हुई इस मुलाकात के दौरान ममता बनर्जी खुद अखिलेश यादव को रिसीव करने पहुंचीं. वहीं अभिषेक बनर्जी ने भी गले लगाकर उनका स्वागत किया. मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और कहा कि “दीदी आप हारी नहीं हैं.” उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने एक योद्धा की तरह चुनाव लड़ा और बीजेपी के खिलाफ मजबूती से मुकाबला किया.
बीजेपी पर साधा बड़ा निशाना
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी को ममता बनर्जी हमेशा से खटकती रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं का गलत इस्तेमाल किया गया. सपा प्रमुख ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रहा है. उन्होंने यहां तक कह दिया कि चुनाव आयोग “मर चुका है.”
दिलीप घोष का पलटवार
अखिलेश यादव के बयान पर बीजेपी विधायक दिलीप घोष ने जोरदार पलटवार किया. उन्होंने कहा, “दीदी भ्रम की स्थिति में हैं और लोग आकर उनके दिमाग में झूठी उम्मीदें भर रहे हैं.” दिलीप घोष ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग सिर्फ हवा देकर चले जाते हैं और ममता बनर्जी सच्चाई समझ नहीं पा रही हैं.
उन्होंने आगे कहा कि जब ममता बनर्जी को असल राजनीतिक झटका लगेगा, तब वह उसे जिंदगीभर नहीं भूल पाएंगी. दिलीप घोष के इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो गई है.
‘सोन पपड़ी’ वाले बयान पर भी मचा बवाल
ममता से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी हमला बोला. उन्होंने बीजेपी के दावों को “सोन पपड़ी वाला झूठ” बताते हुए कहा कि एक झूठ के ऊपर दूसरा झूठ चढ़ाया जा रहा है. उन्होंने बंगाल चुनाव के दौरान हिंसा और धांधली के आरोपों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए.
अब इस मुलाकात को विपक्षी एकजुटता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. वहीं बीजेपी इसे हार के बाद विपक्षी नेताओं की ‘सांत्वना राजनीति’ बता रही है. बंगाल की सियासत में आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होता नजर आ रहा है.
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