Last Updated May - 08 - 2026, 04:40 PM | Source : Fela news
तमिलनाडु में आज सरकार गठन पर बड़ा फैसला संभव, विजय को बहुमत के लिए 5 विधायकों की जरूरत. माकपा और वीसीके के समर्थन पर टिकी नजरें, राज्य की राजनीति में बढ़ा सस्पेंस.
तमिलनाडु की राजनीति इस वक्त बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है. विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाली अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से कुछ कदम दूर रह गई. अब पूरे राज्य की नजर उन बैठकों पर टिकी है, जो आज विजय की सरकार बनाने की राह तय कर सकती हैं. कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद भी विजय के पास फिलहाल सिर्फ 113 विधायकों का आंकड़ा है, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत है. ऐसे में अब वाम दलों और वीसीके की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है.
बहुमत के लिए विजय की बड़ी जंग
234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके ने 108 सीटों पर जीत दर्ज कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए. कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन मिलने के बाद भी विजय बहुमत के जादुई आंकड़े से 5 सीट पीछे हैं. अब सीपीआई, माकपा और वीसीके जैसे दलों से उम्मीदें जुड़ी हैं. इन तीनों दलों के पास कुल 6 विधायक हैं और अगर ये समर्थन देते हैं तो विजय आसानी से सरकार बना सकते हैं.
आज होगी सबसे अहम बैठक
सूत्रों के मुताबिक विजय ने इन दलों से औपचारिक समर्थन मांगा है. इसी को लेकर आज सीपीआई, माकपा और वीसीके अपनी-अपनी अहम बैठकें करने जा रहे हैं. इन बैठकों में यह तय होगा कि तमिलनाडु को नई सरकार विजय के नेतृत्व में मिलेगी या फिर राजनीतिक संकट और लंबा खिंचेगा. राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को सत्ता की चाबी माना जा रहा है.
राज्यपाल ने क्यों रोकी सरकार बनाने की प्रक्रिया?
विजय गुरुवार को राजभवन पहुंचे थे और सरकार बनाने का दावा पेश किया था. हालांकि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने साफ कहा कि फिलहाल टीवीके के पास जरूरी समर्थन नहीं है. इसके बाद विजय ने वाम दलों, वीसीके और आईयूएमएल से संपर्क तेज कर दिया. सूत्रों की मानें तो सहयोगी दलों को मंत्रिमंडल में शामिल करने का प्रस्ताव भी दिया जा सकता है.
माकपा और वीसीके क्या करेंगे?
माकपा के प्रदेश सचिव शनमुगम ने कहा कि पार्टी आज समर्थन के मुद्दे पर अंतिम फैसला लेगी. वहीं भाकपा नेता वीरपांडियन ने भी संकेत दिए कि शुक्रवार तक तस्वीर साफ हो सकती है. वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने कहा कि वाम दलों का रुख सामने आने के बाद उनकी पार्टी निर्णय करेगी. दूसरी ओर कांग्रेस और वाम दल लगातार राज्यपाल पर दबाव बना रहे हैं कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते टीवीके को सरकार बनाने का मौका दिया जाए.
तमिलनाडु में अब सबकी निगाहें आज होने वाली इन बैठकों पर टिकी हैं. अगर समर्थन मिल गया तो विजय जल्द मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते नजर आ सकते हैं, लेकिन अगर बातचीत फेल हुई तो राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर भी देखने को मिल सकता है.
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