Last Updated Feb - 27 - 2026, 04:30 PM | Source : Fela News
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के सीमांचल दौरे के दौरान अवैध घुसपैठ और जनसंख्या बदलाव पर केंद्र सरकार की नई रणनीति का बयान दिया, जिसमें सरकारी एक्शन प्लान और सुरक्षा पहल शामिल हैं.
पटना/अररिया: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार से तीन दिवसीय बिहार दौरे के दौरान अवैध घुसपैठ, सीमा सुरक्षा और डेमोग्राफी बदलाव को लेकर केंद्र सरकार की नीति का खाका पेश किया है। शाह ने कहा कि जनसंख्यात्मक बदलाव के प्रभाव, अवैध अतिक्रमण और घुसपैठियों की मौजूदगी को लेकर एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जो पूरे देश में हुए बदलावों पर रिपोर्ट तैयार करेगी। वे विशेष रूप से बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड को ऐसे क्षेत्रों के रूप में चिन्हित कर रहे हैं, जहां यह समस्या अधिक गंभीर मानी जा रही है।
शाह ने अररिया में सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 52वीं बटालियन के भवन उद्घाटन के दौरान कहा कि सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त करना सरकार की प्राथमिकता है और यह कांग्रेस के चुनावी वादे नहीं बल्कि सरकार का दृढ़ संकल्प है। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध प्रवेश से गरीबों के राशन, रोजगार के अवसर और देश की सुरक्षा प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए इसे गंभीर मुद्दा माना जा रहा है।
शाह ने स्पष्ट किया है कि “घुसपैठियों को सिर्फ मतदाता सूची से हटाना ही नहीं, बल्कि देश से बाहर निकालना” ही सरकार का वास्तविक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमण और घुसपैठ से जनसंख्या में असामान्य बदलाव होता है, जो संस्कृति, इतिहास और भूगोल के लिए खतरनाक हो सकता है। इसी नीति के तहत सीमा से 10 किलोमीटर के भीतर के अवैध अतिक्रमणों को हटाने और घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें निष्कासित करने की योजना बनाई जा रही है।
बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि यदि भाजपा की सरकार बनती है, तो सीमा पर बाड़ का काम पूरा किया जाएगा और “एक-एक घुसपैठिए को बाहर निकाला जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार डेमोग्राफी बदलाव को undo करने के लिए प्रतिबद्ध है और उच्च-स्तरीय डेमोग्राफी मिशन इसी दिशा में काम करेगा।
सरकार की योजना में न केवल अवैध प्रवेश को रोकना शामिल है, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बुनियादी ढांचा और निगरानी प्रणाली को मजबूत करना भी है। शाह ने कहा कि यह अभियान केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश में लागू होगा, ताकि सीमा सुरक्षा मजबूत हो और राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखा जा सके।
इस बीच, शाह के बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। विपक्षी दलों ने उनके दौरे और वक्तव्यों को चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा है, लेकिन सरकार का रुख यह रहा है कि मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक संरचना की रक्षा से जुड़ा हुआ है। आगामी दिनो में इस नीति को लागू करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें की जाएंगी।
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