Last Updated Feb - 26 - 2026, 03:20 PM | Source : Fela News
गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार दौरे के दौरान सीमांचल क्षेत्र में घुसपैठ, सीमा सुरक्षा और डेमोग्राफी बदलाव की समीक्षा करते हुए कई अहम बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय बिहार दौरे पर सीमांचल क्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा, अवैध घुसपैठ और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने अररिया जिले में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के एक बॉर्डर आउटपोस्ट का उद्घाटन किया और सीमा क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
अधिकारियों के मुताबिक गृह मंत्री ने सीमा पर रहने वाले लोगों से बातचीत करने और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की प्रगति की समीक्षा करने का भी कार्यक्रम तय किया। बताया जा रहा है कि इस योजना का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और पलायन रोकना है।
इस बीच गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक कर भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध रूप से रहने वालों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और इस प्रक्रिया में स्थानीय प्रशासन समन्वय बनाए रखे।
रिपोर्ट के अनुसार दौरे के पहले दिन उन्होंने भूमि बंदरगाह प्राधिकरण (लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की बैठक की अध्यक्षता भी की, जो गृह मंत्रालय के अधीन काम करता है और सीमा अवसंरचना के विकास से जुड़ा है।
वहीं दूसरी ओर राज्य के सीमांचल क्षेत्र को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि नेपाल और पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे होने के कारण यहां खुफिया नेटवर्क और जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है।
बताया जा रहा है कि गृह मंत्री अपने दौरे के दौरान किशनगंज, अररिया और पूर्णिया में कार्यक्रमों में शामिल हुए और शुक्रवार को पूर्णिया से दिल्ली लौटने का कार्यक्रम है। यह दौरा नवंबर 2025 के बाद उनका पहला बिहार दौरा बताया जा रहा है।
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