Last Updated Feb - 28 - 2026, 01:05 PM | Source : Fela News
असम विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने 30 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं। पार्टी 2 मार्च को आधिकारिक घोषणा कर सकती है, जबकि कुछ सीटों पर मंथन जारी है।
असम विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने राज्य की 30 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम लगभग तय कर लिए हैं।सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक में 42 सीटों पर चर्चा हुई, जिनमें से 30 पर सहमति बन चुकी है। अब इन नामों की आधिकारिक घोषणा 2 मार्च को किए जाने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान राज्य में प्रस्तावित पदयात्रा के बाद उम्मीदवारों की सूची जारी करेगा। पार्टी नेतृत्व सीट दर सीट जीत की संभावना, स्थानीय सामाजिक समीकरण और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए अंतिम निर्णय ले रहा है। शेष सीटों पर भी जल्द ही सहमति बनने की उम्मीद है।
इस बीच, असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई को लेकर बड़ा संकेत मिला है। सूत्रों का कहना है कि उन्हें जोरहाट विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है।
हालांकि पार्टी की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे अहम रणनीतिक कदम माना जा रहा है। गौरव गोगोई वर्तमान में जोरहाट लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं और इस क्षेत्र में उनका मजबूत जनाधार माना जाता है। यदि वे विधानसभा चुनाव लड़ते हैं, तो यह कांग्रेस की ओर से बड़ा संदेश होगा।
कांग्रेस की रणनीति केवल क्षेत्रीय समीकरण तक सीमित नहीं है। पार्टी अल्पसंख्यक मतदाताओं को साधने की कोशिश में भी जुटी है। इसी कड़ी में लोकसभा सांसद रकीबुल हुसैन का नाम भी चर्चा में है। वे धुबरी लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
असम की राजनीति में उन्हें प्रभावशाली मुस्लिम चेहरा माना जाता है। माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें विधानसभा चुनाव में उतारकर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है।
असम में मुस्लिम आबादी लगभग 30 प्रतिशत के आसपास है, जो कई सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाती है। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन किया था, लेकिन इस बार पार्टी अपने दम पर बेहतर प्रदर्शन की रणनीति बना रही है। रकीबुल हुसैन जैसे नेता को मैदान में उतारना उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि वे किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, इस पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी भी अपनी तैयारियों में जुटी है। असम भाजपा अध्यक्ष और सांसद दिलीप सैकिया ने संकेत दिया है कि पार्टी डोल उत्सव के बाद चरणबद्ध तरीके से उम्मीदवारों की सूची जारी करेगी। उन्होंने कहा कि संगठन मजबूत और भरोसेमंद चेहरों को प्राथमिकता दी जाएगी।
असम विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। कांग्रेस जहां अपने उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दे रही है, वहीं भाजपा भी रणनीति तैयार करने में जुटी है। 2 मार्च को कांग्रेस की आधिकारिक घोषणा के बाद चुनावी समीकरण और स्पष्ट होंगे। फिलहाल, राज्य की राजनीति में हलचल चरम पर है और सभी दल अपनी-अपनी रणनीति को धार देने में लगे हैं।
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