Last Updated Apr - 07 - 2026, 05:12 PM | Source : Fela News
रेखा गुप्ता ने अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की। पीएम उदय योजना के तहत 40 हजार पत्र जारी हुए, जबकि 24 अप्रैल से आवेदन शुरू होंगे।
दिल्ली में अवैध कॉलोनियों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया अब शुरू कर दी गई है। इस कदम से लाखों लोगों को अपने घरों पर कानूनी अधिकार मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
सरकार के मुताबिक, प्रधानमंत्री उदय योजना के तहत अब तक करीब 40 हजार लोगों को ऑथराइजेशन लेटर दिए जा चुके हैं। अब इस योजना को तेजी से आगे बढ़ाते हुए कुल 1731 कॉलोनियों में से 1511 कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इससे दिल्ली के करीब 45 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सरकार ने साफ टाइमलाइन भी तय की है। आवेदन के बाद 7 दिनों के अंदर GIS सर्वे किया जाएगा। इसके बाद 15 दिनों में आवेदन में किसी भी कमी को ठीक करने का मौका दिया जाएगा और फिर 45 दिनों के भीतर कंवेंस डीड जारी कर दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस योजना को लागू करने में जो 22 बड़ी बाधाएं थीं, उन्हें दूर कर दिया गया है, ताकि लोगों को बिना किसी परेशानी के उनका अधिकार मिल सके। इस फैसले से छोटे व्यापारियों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि 20 वर्ग मीटर तक की दुकानों को भी कुछ शर्तों के साथ नियमित किया जाएगा।
इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल की भी बात सामने आई। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि अब दिल्ली में सर्किल रेट को भी एक कर दिया गया है, जिससे संपत्ति से जुड़े मामलों में पारदर्शिता आएगी। पहले अलग-अलग एजेंसियों के अलग-अलग रेट होते थे, लेकिन अब एक ही रेट लागू होगा।
इसके साथ ही सरकार ने शहर के विकास के लिए ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति को भी आगे बढ़ाने की बात कही है। इसके तहत मेट्रो और आरआरटीएस कॉरिडोर के आसपास के इलाकों में प्लांड और हाई-डेंसिटी डेवलपमेंट किया जाएगा। इससे लोगों को सस्ती आवास सुविधा, बेहतर कनेक्टिविटी और आसान जीवन मिलेगा।
सरकार का मानना है कि यह फैसला दिल्ली के विकास के लिए एक बड़ा कदम है और इससे लाखों परिवारों को अपने घर का कानूनी हक मिल सकेगा।
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