Last Updated May - 26 - 2025, 11:36 AM | Source : Fela News
तेज प्रताप यादव को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया, सार्वजनिक आचरण पर उठाए सवाल।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आरजेडी में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने रविवार को अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को राष्ट्रीय जनता दल से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने तेज प्रताप को अपने परिवार से भी अलग कर दिया है।
लालू यादव ने सोशल मीडिया मंच X पर एक बयान जारी करते हुए लिखा, "निजी जीवन में नैतिक मूल्यों की अनदेखी हमारी सामाजिक न्याय की सामूहिक लड़ाई को कमजोर करती है। परिवार के मूल्यों और परंपराओं के खिलाफ तेज प्रताप की गतिविधियां, सार्वजनिक व्यवहार और गैर-जिम्मेदार रवैया इस निर्णय का कारण हैं।"
निजी जीवन में नैतिक मूल्यों की अवहेलना करना हमारे सामाजिक न्याय के लिए सामूहिक संघर्ष को कमज़ोर करता है। ज्येष्ठ पुत्र की गतिविधि, लोक आचरण तथा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार हमारे पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है। अतएव उपरोक्त परिस्थितियों के चलते उसे पार्टी और परिवार…
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) May 25, 2025
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब से तेज प्रताप का न तो पार्टी में और न ही परिवार में कोई स्थान रहेगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि तेज प्रताप अपनी निजी ज़िंदगी में सही-गलत का निर्णय खुद करने में सक्षम हैं, और जो लोग उनसे संबंध रखना चाहते हैं, वे अपना फैसला खुद करें।
लालू यादव ने लिखा कि वे हमेशा सार्वजनिक जीवन में सार्वजनिक मर्यादा और अनुशासन के पक्षधर रहे हैं, और उनके परिवार के आज्ञाकारी सदस्य इस सोच को अपनाकर सार्वजनिक जीवन में चलते रहे हैं।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बिहार में चुनावी सरगर्मी तेज़ है और आरजेडी सत्ताधारी एनडीए के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की कोशिशों में जुटी है। तेज प्रताप के निष्कासन से पार्टी की आंतरिक स्थिति और भावी रणनीति को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।