Last Updated Feb - 04 - 2026, 04:11 PM | Source : Fela News
हालिया ऑनलाइन गेम चर्चा के बीच सोशल मीडिया पर ब्लू व्हेल चुनौती का संदर्भ सामने आया है। विशेषज्ञ और प्रशासन ऐसे कंटेंट के प्रभाव और जोखिमों पर सतर्कता की बात कर
हाल के दिनों में सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर कथित कोरियन लव गेम की चर्चा के साथ ही एक बार फिर ब्लू व्हेल चुनौती का नाम सामने आने लगा है। बताया जा रहा है कि कुछ यूजर्स इस नए गेम को पुराने ब्लू व्हेल चैलेंज से जोड़कर देख रहे हैं, जिसमें कई साल पहले देश और विदेश में बच्चों और किशोरों की मौत की घटनाएं सामने आई थीं। हालांकि, जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों मामलों को सीधे तौर पर जोड़ने के ठोस प्रमाण फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं।
सूत्रों के अनुसार, ब्लू व्हेल चैलेंज के समय यह सामने आया था कि बच्चों को ऑनलाइन टास्क के जरिए मानसिक रूप से प्रभावित किया जा रहा था। इसी पृष्ठभूमि के कारण अब किसी भी नए ऑनलाइन ट्रेंड या गेम को लेकर आशंका तेजी से फैलती है। प्रशासन का कहना है कि मौजूदा मामले में सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं की सत्यता की जांच की जा रही है और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
वहीं दूसरी ओर, साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट पर फैले अपुष्ट दावे और डर फैलाने वाले संदेश बच्चों और अभिभावकों दोनों को मानसिक रूप से प्रभावित कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हर वायरल कंटेंट को खतरनाक मानने के बजाय उसकी पृष्ठभूमि, स्रोत और तथ्यों की जांच जरूरी है। इस बीच, सवाल उठाए जा रहे हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ऐसे कंटेंट की निगरानी को लेकर कितने प्रभावी कदम उठा रहे हैं।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध कंटेंट की जानकारी तुरंत संबंधित एजेंसियों को दें। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी ऑनलाइन चुनौती या गेम से जुड़ी अफवाहों को बिना पुष्टि साझा करना समस्या को और बढ़ा सकता है।
बताया जा रहा है कि सरकार और साइबर सेल डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी विचार कर रहे हैं, ताकि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में समय रहते कार्रवाई की जा सके। फिलहाल, जांच एजेंसियां तथ्यों के आधार पर स्थिति का आकलन कर रही हैं और लोगों से संयम और सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
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