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Census 2027: आज से डिजिटल जनगणना शुरू, 33 सवालों से होगी पूरी पड़ताल

Census 2027: आज से डिजिटल जनगणना शुरू, 33 सवालों से होगी पूरी पड़ताल

Last Updated Apr - 01 - 2026, 03:31 PM | Source : Fela News

देश में पहली बार डिजिटल जनगणना आज से शुरू हुई है. इसमें सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प भी दिया गया है. प्रक्रिया 15 अप्रैल तक चलेगी, जबकि हाउस लिस्टिंग 16 अप्रैल से शुरू होगी.
आज से डिजिटल जनगणना शुरू
आज से डिजिटल जनगणना शुरू

लंबे इंतजार के बाद देश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है. यह भारत की 16वीं और आजादी के बाद की 8वीं जनगणना है. इस बार खास बात यह है कि पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल तरीके से की जा रही है, जिसमें ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ यानी खुद जानकारी भरने का विकल्प भी दिया गया है.

दो चरणों में होगी जनगणना

सरकार ने जनगणना को दो चरणों में कराने का फैसला किया है. पहला चरण आज से शुरू हो गया है, जिसमें हाउस लिस्टिंग (HLO) की प्रक्रिया शामिल है. यह चरण 15 अप्रैल तक चलेगा. इसके बाद 16 अप्रैल से घरों की गणना शुरू होगी, जो 15 मई तक जारी रहेगी.

अलग-अलग राज्यों के लिए अलग तारीख

देश के ज्यादातर हिस्सों के लिए 1 मार्च 2027 को संदर्भ तिथि तय की गई है. वहीं, बर्फीले इलाकों जैसे लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए 1 अक्टूबर 2026 को संदर्भ तिथि रखा गया है.

पहले चरण में पूछे जाएंगे 33 सवाल

हाउस लिस्टिंग के दौरान नागरिकों से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे. इनमें घर की संरचना, परिवार के सदस्यों की संख्या, पानी और बिजली की सुविधा, शौचालय, इंटरनेट, वाहन और अन्य सुविधाओं से जुड़ी जानकारी शामिल होगी. साथ ही हर घर को एक यूनिक आईडी दी जाएगी और इमारतों की जियो-टैगिंग भी की जाएगी 

दूसरे चरण में होगी जनसंख्या गणना

जनगणना का दूसरा चरण अगले साल फरवरी में शुरू होगा. इस चरण में जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी, जिसमें जाति आधारित गणना भी शामिल होगी.

कोविड के कारण टली थी जनगणना

यह जनगणना पहले साल 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के चलते इसे टाल दिया गया था. अब सरकार ने इसे नए सिरे से शुरू किया है और इसके लिए 11,718 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है.

कई राज्यों में शुरू होगी प्रक्रिया

इस प्रक्रिया को देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा, जिनमें अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, कर्नाटक, गोवा, मिजोरम, ओडिशा और दिल्ली के कुछ क्षेत्र शामिल हैं.

कुल मिलाकर, डिजिटल जनगणना 2027 देश के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे डेटा संग्रह की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और अधिक सटीक होने की उम्मीद है.

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