Last Updated Feb - 26 - 2026, 05:19 PM | Source : Fela News
सुप्रीम कोर्ट में एनसीईआरटी की किताब को लेकर विवाद पर सुनवाई हुई। सीजेआई सूर्यकांत ने जिम्मेदार लोगों के नाम बताने को कहा, केंद्र ने माफी जताई।
एनसीईआरटी की एक पुस्तक में न्यायपालिका से जुड़े कथित आपत्तिजनक संदर्भ को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कड़ा रुख देखने को मिला। रिपोर्ट के अनुसार मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट कहा कि जिम्मेदार लोगों के नाम बताए जाएं, अदालत कार्रवाई करेगी।
बताया जा रहा है कि सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह जानना जरूरी है कि संबंधित सामग्री पुस्तक में कैसे शामिल हुई। सीजेआई ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि नाम सामने आते हैं तो अदालत उचित कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।
सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि विवादित सामग्री को लेकर सरकार ने खेद व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि संबंधित अध्याय को वापस लेने और सुधार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार अदालत में यह भी बताया गया कि पुस्तक में दो पात्रों के माध्यम से न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संकेत देने वाली सामग्री शामिल थी, जिस पर आपत्ति जताई गई। इस पर सीजेआई ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस प्रकार की सामग्री से संस्थान की छवि प्रभावित होती है।
इस बीच अदालत ने यह भी संकेत दिया कि जिम्मेदारी तय करना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो। बताया जा रहा है कि संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया है और प्रक्रिया जारी है।
वहीं दूसरी ओर केंद्र की ओर से कहा गया कि आगे से ऐसी गलती न हो, इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि पुस्तक के संशोधित संस्करण को उचित जांच के बाद जारी किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि अदालत फिलहाल मामले की निगरानी कर रही है और अगली सुनवाई में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। यह पूरा विवाद शिक्षा सामग्री में संस्थागत संदर्भों की संवेदनशीलता को लेकर चर्चा में बना हुआ है।
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