Last Updated Feb - 26 - 2026, 04:11 PM | Source : Fela News
सुप्रीम कोर्ट में क्लास 8 की एनसीईआरटी किताब के अध्याय पर विवाद बढ़ा। सीजेआई सूर्यकांत ने मंशा पर सवाल उठाते हुए कड़ी टिप्पणियां कीं, जवाबदेही तय करने की बात कही।
क्लास 8 की एनसीईआरटी सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका से जुड़े कथित आपत्तिजनक सामग्री को लेकर विवाद गहरा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर गंभीर रुख अपनाते हुए संबंधित पाठ्य सामग्री पर कड़ी आपत्ति जताई और इसकी पृष्ठभूमि की जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।
सीजेआई सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि बतौर न्यायपालिका प्रमुख उनका कर्तव्य है कि इस पूरे मामले में जवाबदेही तय की जाए और यह पता लगाया जाए कि इसके पीछे जिम्मेदार लोग कौन हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं हो जाती, कार्यवाही बंद नहीं की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक अदालत ने यह भी संकेत दिया कि इस प्रकरण में गहराई से जांच की जरूरत है। सीजेआई ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह कदम सोचा-समझा था, जिससे संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी आघात पहुंचा है।
इस बीच केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि मंत्रालय ने मामले को गंभीरता से लिया है और विवाद सामने आने के बाद तुरंत कदम उठाए गए। बताया गया कि अध्याय से जुड़े दो व्यक्तियों को भविष्य में मंत्रालय की किसी गतिविधि से नहीं जोड़ा जाएगा।
वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने भी अदालत में माफी मांगते हुए कहा कि कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान पुस्तक में “अनुपयुक्त सामग्री” अनजाने में शामिल हो गई थी। परिषद ने पुस्तक का वितरण रोक दिया है और इसे वापस लिया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि संबंधित अध्याय को अब उचित परामर्श के बाद दोबारा लिखा जाएगा और संशोधित संस्करण 2026–27 शैक्षणिक सत्र से जारी किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया है कि वह मामले की निगरानी जारी रखेगा, जब तक जिम्मेदारी तय नहीं हो जाती।
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