Last Updated Feb - 10 - 2026, 06:10 PM | Source : Fela news
मेरठ के ब्रह्मपुरी थाने के बाहर खुले नाले में सड़ा-गला शव मिलने से इलाके में आक्रोश फैल गया. लोगों ने नगर निगम की लापरवाही को मौत की वजह बताया.
मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में सोमवार शाम एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. थाने के ठीक सामने बने खुले नाले में एक अज्ञात युवक का सड़ा-गला शव मिलने से सनसनी फैल गई. हैरानी की बात यह रही कि यह नाला पुलिस थाने से महज कुछ कदम की दूरी पर है, फिर भी किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी. शव मिलने के बाद न सिर्फ पुलिस प्रशासन, बल्कि नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोमवार शाम कुछ राहगीरों को नाले से तेज बदबू आने लगी. जब लोगों ने ध्यान से देखा तो नाले के भीतर एक शव पड़ा नजर आया. देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई और लोगों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी. ब्रह्मपुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद शव को नाले से बाहर निकलवाया.
पुलिस के अनुसार, मृतक की उम्र करीब 40 वर्ष आंकी जा रही है. शव काफी हद तक सड़ चुका था, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि युवक की मौत कई दिन पहले हो चुकी थी. शव के पास से कोई पहचान पत्र, मोबाइल या अन्य दस्तावेज नहीं मिले हैं, जिस कारण मृतक की पहचान अब तक नहीं हो पाई है. फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों से मिलान किया जा रहा है.
घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. लोगों ने थाने के बाहर ही नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की. स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह नाला लंबे समय से खुला पड़ा है और इससे पहले भी कई बार यहां हादसे हो चुके हैं. लोगों का आरोप है कि उन्होंने नगर निगम से कई बार नाले को ढंकने की शिकायत की, लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया.
स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर समय रहते नाले को ढक दिया गया होता, तो शायद आज एक जान न जाती. लोगों ने इसे "प्रशासनिक लापरवाही से हुई मौत" करार दिया और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. कुछ लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही नाले को कवर नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवक शराब के नशे में असंतुलित होकर नाले में गिर गया होगा. बाहर निकलने का कोई रास्ता न होने के कारण उसकी वहीं मौत हो गई. हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के असली कारण और समय की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी.
इस घटना ने एक बार फिर शहर में खुले नालों और सीवर लाइनों की समस्या को उजागर कर दिया है. सवाल यह है कि जब थाने के सामने ऐसा खतरनाक नाला खुला रह सकता है, तो बाकी शहर की स्थिति कैसी होगी ? अब देखना यह है कि प्रशासन इस घटना से सबक लेकर ठोस कदम उठाता है या यह मामला भी बाकी फाइलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा.
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